गढ़बो नवा बस्तर नारा क्यों, अब तक अधूरा? जनता से वादा राज्य सरकार करों पूरा– मुक्ति मोर्चा

BY-Naveen Shrivastava
बस्तर संभाग के संषर्घशील प्रेरक पंचायत कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के अव्हान पर बस्तर में जिला इकाई के द्वारा राज्य सरकार की जनघोषणा पत्र में किए गए वादों को सरकार से पूरा करवाने हेतु जारी अनिश्चितकालीन हड़ताल में बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद के मार्गदर्शन व ग्रामीण जिला संयोजक भरत कश्यप व शहर जिला संयोजक श्रीमती शोभा गंगोत्री के संयुक्त नेतृत्व में मुक्ति मोर्चा का दल हड़तालकर्मीयों के बीच पहुंच उनके जायज मांगों का नैतिक समर्थन का ऐलान करते हुए मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक नवनीत चांद ने अपने उद्बोधन में कहा कि ,राज्य की सरकार व उनके पार्टीयों के द्वारा पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान उनके नेता प्रतिपक्ष व आज हमारे पंचायत मंत्री द्वारा चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में सभी से संवाद कर तैयार किया था।जिसमें उन्होंने कहा था कि ,राज्य के सभी अनियमित कर्मचारियों को नियमित किया जायेगा व समान काम समान वेतन दिया जायेगा। इस तारतम्य में साक्षर भारत कार्यक्रम के अंतर्गत जिला व विकास खण्ड कार्यक्रम समन्वयको एवं 16हजार 8सौ दो प्रेरको को कहां था।कि राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने पर ,दुसरे विभागों में योग्यता के आधार पर नियुक्ति हेतु आवश्यक उपाय किए जायेंगे। साथ ही विभागों में रिक्त पदों पर नियुक्ति के समय भी प्रेरकों कार्यक्रम के समन्वयकों प्राथमिक्ता दी जाएगी। यह लिखित बयान व सरकार के वादे सरकार में आने के बाद भी, ढाई वर्ष बीत जाने के पश्चात भी, वास्तविक रूप से शासन द्वारा सरकारी भर्तीयो व वित्तिय पदोन्नति में लागू नहीं करना, इस बात का परिचायक है।कि राज्य सरकार के द्वारा जनता के समक्ष चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में किए गए सभी वादे हवा-हवाई है। इसका जमीनी धरातल से कोई सरोकार नहीं। बस्तर 5वी अनुसूची क्षेत्र है जहां संविधान ग्राम सभा को सर्वोच्च सभा की उपाधि देता है।ऐसे में इस ग्राम के क्रियान्वयन के प्रमुख अंग पंचायती कर्मचारियों का वास्तविक अधिकार व उनके परिश्रम का उच्चीत सम्मान केंद्र व राज्य सरकार का ना देना बस्तर के हितों, अधिकारो व सम्मान के साथ खिलवाड़ है। जो बस्तर का कोई भी निवासी नहीं सहेगा। मुक्ति मोर्चा के जिला संयोजक भरत कश्यप शहर संयोजक शोभा गंगोत्री ने संयुक्त रूप से कहा कि वह हड़ताल कर्मियों के विरोध प्रदर्शन में कंधे से कंधे मिलाकर संयुक्त रूप से संघर्ष करने उनके साथ है। व आगामी समय में बस्तर की संपूर्ण जनता को राज्य सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ जागरूक करने का अभियान शहर से गांव तक चलाया जाएगा। इस कार्यक्रम में एकता रानी, सुनिता दास, संगीता सरकार, सुमिती दास, निलाम्बर सेठिया, रामेश्वर बघेल, शैलेंद्र वर्मा,मीना कौर, चंदा खुदराम, जयश्री विश्वकर्मा, मीना केशवानी,लक्ष्मी विश्वकर्मा, विकास मांझी आदि मोर्चा सदस्य व प्रेरकों संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे



