केंद्रीय जेल जगदलपुर में बंदियों की मौत बेहद गंभीर, उच्च स्तरीय न्यायिक जांच हो – नवनीत चाँद

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने अपर कलेक्टर बस्तर को सौंपा ज्ञापन
जगदलपुर, बस्तर।बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद के आवाहन एवं निर्देशन पर आज जगदलपुर विधानसभा, बस्तर विधानसभा एवं चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र के पदाधिकारियों ने बस्तर जिला अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय जेल जगदलपुर में पांच दिनों के भीतर हुई दो बंदियों की मौत के मामले में उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा संपूर्ण जेल व्यवस्था के व्यापक ऑडिट की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि केंद्रीय जेल जगदलपुर में एक महिला बंदी की कथित आत्महत्या तथा बीजापुर निवासी बंदी रमेश कुंजाम की मृत्यु केवल सामान्य घटनाएं नहीं हैं, बल्कि राज्य की अभिरक्षा में बंद व्यक्तियों के जीवन, सुरक्षा एवं मानवाधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर मामला है। यदि जेल जैसी पूर्णतः नियंत्रित संस्था में भी बंदियों का जीवन सुरक्षित नहीं है, तो यह प्रशासनिक जवाबदेही और संवैधानिक दायित्वों पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है।
संगठन ने मांग की है कि केंद्रीय जेल जगदलपुर सहित बस्तर संभाग के सभी जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, मानसिक स्वास्थ्य प्रबंधन, मानवाधिकार संरक्षण तंत्र तथा मॉडल प्रिजन मैनुअल-2016 और जेल अधिनियम-1894 के अनुपालन का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए।
संयुक्त बयान
मुख्य संयोजक नवनीत चाँद ने कहा कि किसी भी बंदी का अपराध, विचारधारा अथवा मुकदमा उसके जीवन के संवैधानिक अधिकार को समाप्त नहीं करता। राज्य की अभिरक्षा में हुई प्रत्येक मृत्यु की निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय होना आवश्यक है। बस्तर में जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और मानवाधिकार संरक्षण तंत्र की स्वतंत्र समीक्षा समय की मांग है।
जगदलपुर विधानसभा अध्यक्ष मेहताब सिंह ने कहा कि लगातार हो रही घटनाएं जेल प्रबंधन की गंभीर खामियों की ओर संकेत करती हैं। यदि कहीं लापरवाही हुई है तो दोषियों को संरक्षण देने के बजाय कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
चित्रकोट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल ने कहा कि आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग विभिन्न मामलों में जेलों में बंद हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बस्तर ब्लॉक अध्यक्ष बनमाली नाग ने कहा कि बस्तर की जनता जवाब चाहती है कि पांच दिनों के भीतर दो बंदियों की मौत कैसे हुई। इस मामले में पारदर्शी जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।
प्रमुख मांगें
✔ सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्वतंत्र न्यायिक जांच समिति का गठन
✔ केंद्रीय जेल जगदलपुर में हुई दोनों मौतों की उच्च स्तरीय जांच
✔ संपूर्ण सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित कर जांच समिति को उपलब्ध कराई जाए
✔ दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई
✔ पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा
✔ बस्तर संभाग के सभी जेलों का स्वतंत्र सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं मानवाधिकार ऑडिट
✔ मॉडल प्रिजन मैनुअल-2016 एवं जेल अधिनियम-1894 के अनुपालन की समीक्षा
✔ चिकित्सा सुविधा, मानसिक स्वास्थ्य सहायता एवं निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किया जाए
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में व्यापक जनजागरण अभियान एवं शांतिपूर्ण जनआंदोलन चलाया जाएगा।
नारा
“न्याय, जवाबदेही और मानवाधिकारों की रक्षा ही लोकतंत्र की वास्तविक पहचान है।”



