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बस्तर का लोहा… लेकिन रोजगार किसका?” नगरनार स्टील प्लांट की Executive Trainee भर्ती में बस्तर के युवाओं को प्राथमिकता नहीं मिली तो होगा व्यापक लोकतांत्रिक आंदोलन : नवनीत चाँद

 

जगदलपुर,।बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक, दंडकारण्य टिप-ट्राला संघ के सचिव एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने एनएमडीसी स्टील लिमिटेड (NSL), नगरनार द्वारा जारी Executive Trainee भर्ती (Employment Notification No. 05/2026) पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए कहा कि यह भर्ती 102 पदों के लिए जारी की गई है तथा चयन प्रक्रिया में CBT, Group Discussion और Interview का प्रावधान है।

 

उन्होंने कहा कि बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा किसी भी राज्य के युवाओं के रोजगार अवसरों का विरोध नहीं करता, लेकिन यह प्रश्न अवश्य उठाता है कि जिस बस्तर की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर आधारित उद्योग स्थापित हैं, वहाँ के स्थानीय युवाओं के लिए विशेष रोजगार नीति, कौशल विकास और प्रतिनिधित्व की व्यवस्था कहाँ है?

 

उन्होंने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों के लिए लागू पाँचवीं अनुसूची, पेसा अधिनियम, 1996, तथा आदिवासी क्षेत्रों के संरक्षण एवं सहभागिता की संवैधानिक भावना यह अपेक्षा करती है कि विकास परियोजनाओं के लाभों में स्थानीय समुदायों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित हो। उद्योगों से उत्पन्न रोजगार, कौशल विकास और आजीविका के अवसरों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की नीति पर गंभीरता से कार्य किया जाना चाहिए।

 

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा की प्रमुख माँगें

 

1. नगरनार स्टील प्लांट सहित बस्तर संभाग के सभी बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए विशेष स्थानीय रोजगार नीति बनाई जाए।

 

2. Executive Trainee भर्ती सहित भविष्य की सभी भर्तियों में, यदि विधिसम्मत एवं लागू नियमों के अनुरूप संभव हो, तो स्थानीय अभ्यर्थियों के लिए उपयुक्त स्थानीय आरक्षण/प्राथमिकता संबंधी नीति लागू करने हेतु राज्य एवं केंद्र सरकार आवश्यक निर्णय लें।

 

3. बस्तर संभाग के सातों जिलों के रोजगार कार्यालयों में पंजीकृत योग्य युवक-युवतियों को नियमानुसार प्राथमिकता देने के लिए विशेष प्रावधान तैयार किए जाएँ।

 

4. परियोजना प्रभावित परिवारों तथा स्थानीय युवाओं के लिए विशेष कौशल विकास, अप्रेंटिसशिप, कैंपस भर्ती एवं रोजगार संवर्धन कार्यक्रम अनिवार्य रूप से संचालित किए जाएँ।

 

5. इस भर्ती प्रक्रिया के Group Discussion एवं Interview का आयोजन जगदलपुर अथवा नगरनार स्थित NSL परिसर में किया जाए, ताकि स्थानीय अभ्यर्थियों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

 

6. NSL में पूर्व में हुई सभी प्रमुख भर्तियों का स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति से सामाजिक, प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक ऑडिट कराया जाए तथा उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।

 

7. वर्तमान भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र विशेषज्ञों एवं स्थानीय तकनीकी/शैक्षणिक विशेषज्ञों को पर्यवेक्षक अथवा उपयुक्त भूमिका में शामिल करने पर विचार किया जाए।

 

8. यदि पूर्व में स्थानीय रोजगार, CSR अथवा प्रशासनिक बैठकों में स्थानीय रोजगार संबंधी कोई प्रतिबद्धताएँ या समझौते किए गए हैं, तो उनकी सार्वजनिक समीक्षा एवं समयबद्ध अनुपालन रिपोर्ट जारी की जाए।

 

“रोजगार केवल नौकरी नहीं, बस्तर के सम्मान का प्रश्न”

 

नवनीत चाँद ने कहा कि बस्तर के युवाओं ने वर्षों से उद्योगों की स्थापना, भूमि अधिग्रहण और विकास परियोजनाओं का प्रभाव झेला है। इसलिए रोजगार के अवसरों में उनकी न्यायसंगत भागीदारी सुनिश्चित करना सामाजिक न्याय और संतुलित विकास का विषय है।

 

उन्होंने घोषणा की कि बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा शीघ्र ही “बस्तर रोजगार अधिकार अभियान” प्रारंभ करेगा। इसके अंतर्गत—

 

बस्तर के बेरोजगार युवक-युवतियों का पंजीयन,

 

रोजगार संबंधी तथ्य एवं आँकड़ों का संकलन,

 

कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों में युवा संवाद,

 

शासन एवं उद्योग प्रबंधन को ज्ञापन,

 

तथा आवश्यकता पड़ने पर भारतीय संविधान की मर्यादा में रहकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक जनआंदोलन चलाया जाएगा।

 

 

अंत में उन्होंने कहा—

 

> “बस्तर का विकास तभी सार्थक होगा, जब बस्तर के युवाओं को सम्मानजनक रोजगार में न्यायपूर्ण भागीदारी मिले।”

 

 

 

> “बस्तर का लोहा केवल देश की अर्थव्यवस्था नहीं, बस्तर के युवाओं के भविष्य को भी मजबूत करे।”

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