त्रिपुरा DGP अनुराग धनखड़ नहीं रहे, ऑफिस में मिला शव; आत्महत्या की आशंका, जांच जारी

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ सोमवार को अगरतला स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में अपने कार्यालय कक्ष में मृत मिले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उनका शव कार्यालय के भीतर फंदे से लटका मिला। इसके बाद उन्हें तत्काल गोविंद बल्लभ पंत (जीबीपी) अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने दोपहर 12:48 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा, मुख्य सचिव जे.के. सिन्हा, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पुलिस मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद सभी जीबीपी अस्पताल भी पहुंचे। पूरे पुलिस मुख्यालय परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। राज्य सरकार ने मामले की मजिस्ट्रेट स्तर पर जांच कराने का फैसला किया है।
मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के कारणों पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। त्रिपुरा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक देबरॉय ने भी कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद
ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले थे
मूल रुप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के बिहारीपुर गांव के निवासी अनुराग धनखड़ 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने मई 2025 में त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक का पदभार संभाला था। अपने तीन दशक से अधिक लंबे सेवा काल में उन्होंने त्रिपुरा पुलिस में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। इसके अलावा वह केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई),
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) और संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो मिशन में भी प्रतिनियुक्ति पर सेवाएं दे चुके थे। उधर, विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने घटना की न्यायिक जांच की मांग करते
हुए कहा कि राज्य के पुलिस प्रमुख की इस तरह हुई मौत बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।
फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।



