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नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रहा है” क्रांतिकारी डिजिटल सेवा”

 

 

रज्जाक खान / रायपुर।संवैधानिक एवं व्यवस्थागत सभी तरह के आवश्यकताओं को लेकर सरकार की “क्रांतिकारी डिजिटल सेवा” आम जनता के लिए सुविधा और उनके मौलिक व्यवस्था एवं जरूरत को लेकर महत्वपूर्ण सेतु का कार्य कर रही है, समय की बचत के साथ सुविधा आम जनता के लिए बढ़ी है। शासन स्तर पर अनेक लिखित संवैधानिक प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं जो स्थानीय नागरिकता के साथ अन्य अधिकारों को स्पष्ट साबित करने के साथ दर्शाता है व्यक्ति किस प्रदेश, किस शहर के रहने वाले हैं ।

 

छग प्रदेश के यशस्वी मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय जी ने समस्त विभागों को पेपर लेस व्यवस्था की आधुनिक डिजिटल क्रांतिकारी युग की शूरूआत कर राज्य भर मे सेवा सेतु पोर्टल प्रारंभ कर के आम जन को सहज नवीन आधुनिक सुविधा जनक सरली कृत व्यवस्था प्रदान कर दी है जिससे आम व्यक्ति दफ्तरों में धक्के खाने की बजाए अब सुविधा पूर्वक सरलता से अपने दस्तावेजों को मुकम्मल कर सकता है।

 

जीवन से लेकर मृत्यु तक शादी, से लेकर तलाक़ तक तथा राशन कार्ड, आय,से लेकर जमीन संबंधी बंटवारे,नामंतरण तक,समस्त शासकीय सुविधाएं मिलने का प्रमुख आधार शासकीय विभाग से जारी सील, मुहर, डिजीटल क्यु. आर.कोड.हस्ताक्षरीत युक्त प्रमाण पत्र उसका मूल दस्तावेज माना जाता है जो प्रत्येक नागरिक के लिए अनिवार्यत होता है जो आम व्यक्ति के सामाजिक व्यवस्था का मूल नागरिक होने की प्रमाणिकता को दर्शाता है परंतु अपरिहार्य कारणों से वर्षों पुराने पत्र के घुमने, जीर्ण शिर्ण या कटने,फटने, अथवा अन्य परीस्थितकीय वश जलने, या नष्टिकरण होने की दशा मे नागरिकों को अनेक कठिन अवस्था से गुजरना पड़ता था परंतु अब निराकरण करते हुए छग प्रदेश के यशस्वी मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय जी द्वारा समस्त विभागों को पेपर लेस व्यवस्था की आधुनिक डिजिटल क्रांतिकारी युग की शूरूआत कर राज्य भर मे सेवा सेतु पोर्टल प्रारंभ कर के आम जन को सहज नवीन आधुनिक सुविधा जनक सरली कृत व्यवस्था प्रदान कर दी है जिससे आम व्यक्ति दफ्तरों में धक्के खाने की बजाए अब सीधे घर बैठे अथवा 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से अधिक च्वाइस सेंटर, या प्रदेश भर मे पंद्रह हजार कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से उपरोक्त समस्त सुविधाओ का लाभ उठाया जा सकता है

 

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की डिजिटल संचार युग की प्रारंभिक अवस्था बड़े महानगरों, नगरों, शहरी क्षेत्रों के साथ ही सुदूर आँचल के वन ग्रामीण क्षेत्रों में भी जारी किया गया जहाँ छोटे छोटे प्रमाण पत्र बनवाने के लिए दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीण सीमित अवगमन संसाधन व्यवस्था के बीच उनके कीमती समय का दुरूपयोग अधिक होता था जिसके निराकरण हेतु देश के यशस्वी प्रधान मंत्री माननीय नरेंद्र मोदी की पहल पर शहर महानगरों सहित सर्व प्रथम सुदूर आंचलिक ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ग्राम पंचायत स्तर पर डिजिटल सेवा सेतु पोर्टल जो तत्कालिक समय किसी अन्य नाम से संचालित था उस का आधुनिकीकारण कर ऐसे अनेक प्रमाण पत्रों की समस्याओं से ग्रामीणों को निजात दिलवाने मे महती भूमिका का निर्वहन किया गया परिणमतः इसके सार गर्भित परिणाम सामने आने लगे है यही नही केंद्र द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर विकास के लिए चौदहवें,पंद्रहवें वित से जारी राशि उससे होने वाले निर्माण एवं शासकीय योजनाओं के कार्य शैली व्यवस्था जिस में सामुदायिक भवन,सड़क निर्माण, तालाब गहरीकारण, से लेकर सार्वजनिक वितरण प्रणाली, यहां तक कृषि रोजगार ग्यारंटी की देयक राशि भुगतान, कृषि ऋण, महतारी वन्दन योजना,विधवा पेंशन, विवाह पंजीयन, आय प्रमाण पत्र,जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र,जैसे हजारों प्रमाण पत्रों का त्वरित निराकरण,शहरी, ग्राम, जिला पंचायतों के विकास परक निर्माण कार्यों में अब साफ सुथरी तथा शासकीय योजनागत देयक भुगतान में अब पारदर्शिता दिखाई देने लगी है जो कागजी लिखा पढ़ी से हट कर आधुनिक शासन डिजिटल व्यवस्था पर मुहर लगा रही है जिससे मूल व्यक्ति और उसकी पहचान बन रही है।

 

सेवा सेतु डिजिटल प्लेट फार्म छग सरकार ने बहु आयामी जन कल्याणकारी उद्देश्य के चलते निर्मित की है जिसका उद्देश्य जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, विवाह पंजीयन, राशन कार्ड, सहित पेंशन जैसी 400 से अधिक सुविधाएं शामिल की गई हैं इस संदर्भ में राजधानी रायपुर के नगर निगम सहित कुछ चवाइस सेटर स्थल का मुआयाना किया गया जहाँ कुछ आवेदक आय एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे थे उनसे चर्चा करने पर बताया गया की पहले यह डिजिटल व्यवस्था ई डिस्ट्रिक नाम से जारी थी परंतु ई सेवा सेतु नाम से प्रमाण पत्र बनवाने पर बहुत से हितग्रही को परेशानी का सबब बन रहा है इसकी वजह जानने पर पंडरी मे स्थित चवाइस सेंटर पर कुछ व्यक्तियों ने बताया कि आय प्रमाण पत्र को छोड़ कर मृत्यु प्रमाण पत्र जन्म प्रमाण पत्र या निवास प्रमाण पत्र बनवाने हेतु समस्त डाक्युमेंट जमा करने के बावजूद नगर निगम मे आवेदकों को बुलवा कर अलग से राशि की मांग कर उन्हे परेशान किया जाता है इससे पारदर्षिता कहाँ रही वही एक व्यक्ति ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने पर छ माह समय लगने की बात कही और आज भी उसे मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त नही बन पाया यह भी बताया गया कि नगर निगम रायपुर मे आवेदकों को पुनः बुलाने और डिजिटल प्रक्रिया के नाम से पुनः राशि की मांग कर आवेदकों को परेशान किया जाना कहां तक उचित है उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की है कि प्रमाण पत्रों की ऐसी जटिल व्यवस्था पर सुधार लाने की अवश्यक्ता बताई गई जबकि राज्य सरकार यह चाहती है कि इसका लाभ निश्चित रूप से सभी आयु वर्ग, धर्म जाति, के आम लोग उठा सके इसके लिए वह पूर्णतः कटिबद्ध है तथा सबका साथ सबका विकास जैसे स्लोगन को सार्थक करने मे अपनी पूर्ण ऊर्जा लगाने दृढ़ संकल्पित है शहरी क्षेत्रों मे डिजिटल सेवा सेतु पोर्टल के सुधार और व्यवस्था के लिए कुछ समय लग सकता है परंतु आम जन के छोटे छोटे प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए पारदर्शी एवं नीतिगत व्यवस्था लागू करेगी ऐसा सरकार पर लोगों द्वारा विश्वास व्यक्त किया जा रहा है

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