संत पवन दीवान के सपनों को करेंगे साकार -चरण दास महंत



रायपुर।संस्कृति विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के सौजन्य से छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा आयोजित ‘संत कवि पवन दीवान श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह’ माननीय डॉ चरणदास महंत (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ विधानसभा )के मुख्य आतिथ्य एवं माननीय श्री रविंद्र चौबे (कृषि एवं सिंचाई मंत्री )के अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में न्यायमूर्ति श्री टी पी शर्मा (प्रमुख लोकायुक्त), श्री सुरेंद्र शर्मा (अध्यक्ष, कृषि आयोग ),श्री शैलेश नितिन त्रिवेदी (अध्यक्ष, पाठ्यपुस्तक निगम( एवं श्री सुभाष धुप्पड़ (अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण )उपस्थित थे। संत पवन दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डॉ चरणदास महंत ने कहा ‘संत कवि पवन दीवान के सपनों को साकार करने का मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हम लोगों ने कसम खाया है और नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने का प्रयास कर रहे हैं ।पवन दीवान दिल के करीब हैं, उनकी याद आखों में आंसू ला देता है। उनकी स्मृति में आयोजन, उनका स्मरण हमें छत्तीसगढ़ के माटी से जोड़ेगा।’


वरिष्ठ मंत्री रविंद्र चौबे ने संत पवन दीवान को अपनी श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा ‘छत्तीसगढ़ की संस्कृति, अस्मिता, स्वाभिमान और पहचान को व्यक्त करने वाले संत कवि पवन दीवान के सपनों का छत्तीसगढ़ बनाने का प्रयास संत पवन दीवान को सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।छत्तीसगढ़ बनने के बाद सारे सपने धूमिल हो रहे थे पर श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार किसानों को स्वावलंबी बनाकर उनका स्वाभिमान लौटा कर संत पवन दीवान की सोच पर चलना प्रारंभ किया।

खूबचंद बघेल ,सुंदरलाल शर्मा सहित संत पवन दीवान जैसे हमारे कई पुरखों के निष्ठा, समर्पण और प्रेम का स्मरण करके, उनसे प्रेरणा लेकर छत्तीसगढ़ के विकास की गाथा लिखेंगे। इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत करते हुए आयोजन प्रमुख ज्ञानेश शर्मा (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ युवा विकास संगठन) ने पवन दीवान के कविताओं का स्मरण करते हुए कहा ‘छत्तीसगढ़ में सब कुछ है, बस एक कमी है ,स्वाभिमान की, मुझसे सहा नहीं जाता, चुप्पी वर्तमान की। छत्तीसगढ़ गठन के बाद ऐसा ही माहौल था ,हम बेबस , असहाय महसूस कर रहे थे ।पर माटी पुत्र भूपेश बघेल के नेतृत्व में नई उम्मीद ,नया उत्साह सा लग रहा । घोर अंधेरा भाग रहा है ,छत्तीसगढ़ अब जाग रहा है ।बहुमुखी प्रतिभा के धनी, जन नेता, कवि ,संत पवन दीवान के सपनों को साकार करके श्रद्धांजलि अर्पित करना है। श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में, चरणदास महंत के मार्गदर्शन में और श्री रविंद्र चौबे के अनुभव व प्रेरणा से बनी छत्तीसगढ़ सरकार पवन दीवान की परिकल्पना को धरातल में उतारने में लगे हैं ।


इस अवसर पर छत्तीसगढ़ी और हिंदी साहित्य की अनेक विधाओं में निरंतर लेखन द्वारा छत्तीसगढ़ की अस्मिता, गौरव एवं संस्कृति का सम्मान बढ़ाने वाले वरिष्ठ साहित्यकार श्री मुकुंद कौशल दुर्ग एवं श्री सीताराम साहू ‘श्याम’ बालोद को “संत कवि पवन दीवान सम्मान 2021 ” से नवाजा गया एवं साल, श्रीफल, अभिनंदन पत्र ,स्मृति पत्र एवं 21हजार अतिथियों ने प्रदान कर सम्मानित किए। आभार प्रदर्शन विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री नरेंद्र तिवारी ने किया। इसके पूर्व संत पवन दीवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कवि सम्मेलन में श्री रामेश्वर वैष्णव, सुरजीत नवदीप धमतरी, रमेश विश्वहार बिलासपुर, आलोक शर्मा भिलाई, मीर अली मीर एवं राजेश तिवारी ने काव्य पाठ किए।
इस अवसर पर पूर्व न्यायमूर्ति श्री राम प्रसन्न शर्मा, राकेश चतुर्वेदी (वन विभाग प्रमुख छत्तीसगढ़), नरेंद्र शुक्ला (पूर्व आईएएस ),अनल प्रकाश शुक्ला, एलएन तिवारी, प्रदीप तिवारी, अनिल तिवारी एवं पार्षद गण मृत्युंजय दुबे, अमर बंसल ,रितेश त्रिपाठी उपस्थित थे।

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