बस्तर में खेल संरचना के विकास के साथ,सचिन कप बस्तर क्रिकेट प्रतियोगिता” जैसे वार्षिक टूर्नामेंट की शुरुआत की जाए- नवनीत चांद

 

बस्तर बेटा ने कहा महानायक का बस्तर की धरती पर स्वागत यह ऐतिहासिक समय नए दौर की शुरुआत है

क्रिकेट जगत के महानायक के दंतेवाड़ा आगमन को ऐतिहासिक एवं एक नए समय के दौर की शुरुआत बताते हुए बस्तर बेटा रोजगार मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक एवं जनता कांग्रेस के संभागीय अध्यक्ष श्री नवनीत चांद ने कहा है मोर्चा एवं पार्टी की ओर से हम महानायक का घर बस्तर की धरती पर अभिनंदन करते हैं यह अत्यंत गौरव, प्रेरणा और ऐतिहासिक अवसर है कि विश्व क्रिकेट के महानायक का आगमन की पावन धरती पर हुआ है। उनका यह दौरा केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बस्तर की नई पहचान, नई ऊर्जा और नए भविष्य का संदेश है।

श्री नवनीत ने कहा है कि बस्तर प्रतिभाओं की धरती है यहां खेल संरचना को राष्ट्रीय स्तर पर विकसित किया जाए तो बस्तर की प्रतिभा देश और दुनिया में अपना नाम कर सकते हैं । इस दौरान श्री चांद ने बस्तर में खेल प्रतिभाओं को विकसित करने के साथ खेल संरचना विकसित करने को लेकर अपने सुझाव एवं मांगों को बयान के माध्यम से सामने रखा है।

श्री चांद ने कहा कि यदि राष्ट्रीय स्तर की खेल संरचना यहां विकसित की जाए, तो आने वाले समय में बस्तर के खिलाड़ी देश और दुनिया में अपना परचम लहरा सकते हैं।
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के प्रमुख संयोजक द्वारा प्रमुख रूप से अपनी मांगों एवं सुझावों को निम्न निम्नलिखित रूप से सामने रखा है

*जो इस प्रकार है*:-

बस्तर संभाग में विशेष रूप से या में आधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना की जाए।

आदिवासी एवं ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए वार्षिक टैलेंट हंट कार्यक्रम प्रारंभ किया जाए।

बस्तर के युवाओं हेतु निःशुल्क क्रिकेट कोचिंग कैंप आयोजित किए जाएं।

महिला खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाए।

“सचिन कप बस्तर क्रिकेट प्रतियोगिता” जैसे वार्षिक टूर्नामेंट की शुरुआत की जाए।
राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार से मांग:

बस्तर संभाग के प्रत्येक जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान विकसित किए जाएं।

प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर स्पोर्ट्स हॉस्टल एवं खेल प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएं।

बस्तर के खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, रोजगार और आरक्षण आधारित प्रोत्साहन दिया जाए।

क्रिकेट सहित फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और तीरंदाजी को विशेष बढ़ावा दिया जाए।
एवं राष्ट्रीय खेल संस्थाओं के चयन शिविर बस्तर में आयोजित किए जाएं।

हमारी सकारात्मक सोच
बस्तर अब केवल संघर्ष की पहचान नहीं रहेगा, बल्कि खेल, शिक्षा, पर्यटन और प्रतिभा का नया केंद्र बनेगा। खेल युवाओं को अनुशासन, नशामुक्ति, रोजगार और सम्मान का रास्ता देता है।

आज आवश्यकता है कि सरकार, समाज और निजी संस्थाएं मिलकर बस्तर के युवाओं के सपनों को मंच दें।
श्री नवनीत चाँद ने जारी संदेश मैं आगे कहा है कि – –

“ सचिन तेंदुलकर जी का बस्तर आगमन हमारे युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हम आशा करते हैं कि उनका यह कदम बस्तर में खेल क्रांति की शुरुआत बनेगा। यदि सही दिशा में प्रयास हुए, तो आने वाले वर्षों में भारतीय टीम में बस्तर का बेटा और बेटी खेलते दिखाई देंगे।”

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