जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन

ग्राम बढ़ानजी में प्रस्तावित शराब दुकान के खिलाफ ग्रामीणों का उग्र विरोध, तत्काल निरस्तीकरण की मांग

 

लोहंडीगुड़ा (बस्तर), 22 अप्रैल 2026

 

लोहंडीगुड़ा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत बढ़ानजी में प्रस्तावित अंग्रेजी शराब दुकान को लेकर ग्रामीणों में भारी असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। गांव के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक माहौल पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को देखते हुए ग्रामीणों ने इस निर्णय का पुरजोर विरोध शुरू कर दिया है।

 

इसी क्रम में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लोहंडीगुड़ा को ज्ञापन सौंपते हुए प्रस्तावित शराब दुकान को तत्काल निरस्त करने की मांग की। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया कि यह निर्णय ग्रामसभा की वास्तविक सहमति के बिना लिया गया है, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं लागू नियमों का उल्लंघन है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में शराब दुकान खुलने से सामाजिक ताना-बाना कमजोर होगा, परिवारों में कलह और विवाद बढ़ेंगे तथा महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ेगा। इसके साथ ही गांव की पारंपरिक संस्कृति एवं शांति व्यवस्था भी प्रभावित होगी।

 

इस दौरान ग्राम बढ़ानजी की महिला सुभद्रा भारद्वाज ने अपनी बात रखते हुए कहा कि,

“हमारे गांव में शराब दुकान खुलने से घर-परिवार का माहौल खराब होगा, झगड़े बढ़ेंगे और हमारी संस्कृति को नुकसान पहुंचेगा। हमें शराब नहीं चाहिए, बल्कि गांव में बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, अच्छे स्कूल और बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा चाहिए। हम प्रशासन से मांग करते हैं कि इस निर्णय को तुरंत रोका जाए।”

 

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत द्वारा जारी NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं रही है। इसमें आम ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं की राय को नजरअंदाज किया गया है, जो कि पंचायती राज व्यवस्था की मूल भावना के विपरीत है। ग्रामीणों ने इस मामले में उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।

 

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि अनुसूचित क्षेत्रों में लागू PESA Act के तहत ग्रामसभा की सहमति अनिवार्य होती है, किंतु इस मामले में इन प्रावधानों की अनदेखी की गई है, जो कि कानून का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि कानून का पालन सुनिश्चित करते हुए ग्रामसभा की पुनः बैठक आयोजित कर वास्तविक जनमत लिया जाए।

 

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

 

* ग्राम बढ़ानजी में प्रस्तावित शराब दुकान को तत्काल निरस्त/बंद किया जाए

 

* पंचायत द्वारा जारी NOC की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए

 

* पुनः ग्रामसभा आयोजित कर वास्तविक जनमत प्राप्त किया जाए

 

* ग्रामसभा में महिलाओं एवं सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए

 

* PESA Act के प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाए

 

 

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक कार्यवाही नहीं की जाती है, तो वे शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के साथ मिलकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

 

अंत में ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि गांव के समग्र विकास, सामाजिक समरसता एवं भविष्य को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए और ग्रामवासियों की भावनाओं का सम्मान किया जाए।

 

इस दौरान चित्रकोट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल ग्रामीण जिला महामंत्री संतु कश्यप ब्लॉक अध्यक्ष सूरज कश्यप स्थानीय ग्रामीण सुभद्रा भारद्वाज, सामबती , दुबी बाई, माहेश्वरी, नूतन बाई, मंगलदाई, चंदरमुनि, डुमरबती , गैलाबाई, नूरपति , हमेश्वरी, चालिक राम भारद्वाज, रमाकांत, बैजनाथ भारद्वाज , तुलाराम भारद्वाज , कमलेश नाग, परमेश्वर भारद्वाज , नरसिंग, बंटी , गोलू, अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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