धर्म जात के नाम पर महिला पर हमला , 4 दिन बाद भी कार्यवाही नहीं- भवानी

छत्तीसगढ़ युवा मंच संस्थापक नरेंद्र भवानी द्वारा कलेक्टर को सौपा गया ज्ञापन, उठाया सवाल- यह कैसी व्यवस्था , जिम्मेदार पर हो कार्यवाही
जगदलपुर । छत्तीसगढ़ युवा मंच के संस्थापक नरेन्द्र भवानी ने बस्तर जिलाधिकारी कार्यालय पहुँच ज्ञापन देकर मामले मे विज्ञप्ति जारी कर जानकारी देते हुए बताया है कि पीड़ित श्रीमती गलबे,निवासी ग्राम पंचायत अलवा पटेल पारा उम्र 30 वर्ष की है इनके कहें अनुसार इनके साथ दिनांक 16 फ़रवरी को समय संध्या 4:00 बजे मोहल्ले मे सन्नू पोयामी और बूटलू पोयामी द्वारा धर्म जात के नाम पर पहले तो धक्का मुक्की व दूर व्यहार किये उसके बाद जैसे तैसे यह अपने घर की ओर भागी कुछ देर बाद सन्नू पोयामी अकेले पीड़ित के घर गया और उस समय इनके साथ इनके बच्चे थे जिसके बाद सन्नू पोयामी ने टंगीया के लोहा वाले मुह तरफ के पीछे हिस्से के साथ पीठ पर जोर जोर से हमला करने लगा और कुछ देर मारने के बाद जमीन पर पटक के पेड़ की ओर घसीटते हुवे लेके गया व हाथ पैर को टंगीया से काटने की कोसिस कर रहा था की उसी वक्त गांव के नागरिक श्री बुदू मण्डावी ने यह झगड़ा देख बिच बचाव मे आकर इसका जान बचाया लेकिन सन्नू ने उसे भी मारने झगड़ने पर आतुर हो गया उसके बाद यह महिला घर के तरफ भाग के गई और दरवाजा बंद कर ली उसके बाद सन्नू ने ग़ुस्से मे आकर गाय कोठा मे लगे झिल्ली को फाड़ दिया व छानी छत के पत्थर को निकालकर फेका एवं इसी बिच गाली गलौच करता रहा !
फिर माहौल शांत होता देख यह महिला अपने अन्य गांव के सहयोगियों को मदत के लिए बुलाई और रात तक़रीबन 8:00 बजे तक थाना कोड़ेनार पहुंची तो थाने मे महिला पुलिस कर्मी मिली और शिकायत के बाद पीड़ित को थाने के रूम पर चैक किया गया और चोंट देख तुरंत अस्पताल लें जाया – गया उपचार के लिए,उसके बाद वापस थाने मे लाया गया, और पीड़ित का बयान दर्ज तक नहीं किया गया या आधा ही सुना गया पीड़ित के अनुसार जो घटना घटा वह ना लिखकर गांव वालों से संपर्क कर मामला को दूसरा ही बताया जा रहा है,किन्तु पीड़ित अपने बायान पर अडिग है ! एवं इसके साथ गए सहयोगियों का बयान लेंगे बोलकर उनसे यह बयान लिया गया की इसका पती कब मरा, तुमको कौन इनके साथ थाना आने को बोला एवं ऐसे ही उलझूल बातो को पूछकर पुरे महिलाओ को रात 3:00 बजे तक थाने मे बयान दर्ज करने के नाम पर रोका गया पर जैसा घटना घटा ठीक वैसा कार्यवाही हेतु कोई बयान दर्ज नहीं किया गया यह बेहद चिंता का विषय है ?



