34 प्रतिशत महंगाई भत्ते की मांग पर,छह प्रतिशत डीए बढ़ाए जाने से नाराज जिले के अधिकारी-कर्मचारी,कर्मचारी फिर उतरे मैदान में

रायगढ़. 34 प्रतिशत महंगाई भत्ते की मांग पर राज्य शासन द्वारा मात्र छह प्रतिशत डीए बढ़ाए जाने से नाराज जिले के अधिकारी-कर्मचारी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल को दर्जनों संगठनों के अधिकारी-कर्मचारियों का समर्थन मिल रहा है। अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर मिनी स्टेडियम में एकत्र हुए और सरकार के विरुद्घ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल का असर सरकारी कामकाज से लेकर जनहितकारी योजनाओं पर दिखा। सरकारी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकांश विभाग में ताला लटका मिला, जो खुले रहे उनमें भी कुर्सियां खाली नजर आई। आमजन कार्यालयों का च-र काटते दिखे।
डीए को लेकर छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन लगातार संघर्ष कर रहा है। दोनों के मध्य टकराव भी बढ़ने लगा है। एक बार फिर प्रदेशव्यापी आंदोलन के तहत हड़ताल पर चले गए हैं। इससे पहले 25 जुलाई से पांच दिन के हड़ताल पर थे। जिसके बाद राज्य सरकार ने छह प्रतिशत डीए देने का घोषणा की। यह सरकारी कर्मचारियों को नागवार गुजरी जिसके फलस्वरूप 22 अगस्त से अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें उनका पूरा अधिकार चाहिए। 34 प्रतिशत डीए की मांग की राज्य सरकार द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है। यह आंदोलन का चौथा चरण है।
ऐसे समझे डीए विवाद कोः वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 17 प्रतिशत बढ़ा हुआ डीए जनवरी 2019 से मिल रहा है। राज्य सरकार ने एक जुलाई 2021 से मंहगाई भत्ता में पांच प्रतिशत ही बढ़ोतरी की थी। ऐसे में एक जुलाई 2019 से 30 जून 2021 तक प्रदेश के कर्मचारी-अधिकारियों के मासिक वेतन में पांच प्रतिशत रकम कम मिली। कर्मचारी नेताओं का कहना है, केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल 34 प्रतिशत डीए मिल रहा है । जबकि राज्य में यह केवल 22 प्रतिशत है । वह भी एक मई 2022 से लागू की गई है । यही वजह अब विवाद का बना हुआ है। किंतु अब शासन ने इसे 6 फीसद और इजाफा किया है इस स्थिति में यह अभी भी केंद्र की तुलना में कम है।



