दुष्कर्म का मामला रद्द करने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय पहुंचे आदित्य पंचोली

मुंबई. बॉलीवुड अभिनेता आदित्य पंचोली अपनी प्रोफेशनल लाइफ से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर खबरों में रहे हैं। ऐसे में अब आदित्य पंचोली दुष्कर्म का मामला रद्द करने की मांग को लेकर उच्च न्यायालय पहुंचे। आदित्य पंचोली  ने अपनी याचिका में कहा कि उपनगर वर्सोवा पुलिस थाने में जून 2019 में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन अबतक ना तो मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है और ना ही पुलिस ने मामले को बंद करने की रिपोर्ट जमा की है।

क्या है पूरा मामला
दरअसल अभिनेता आदित्य पंचोली ने एक शीर्ष अभिनेत्री के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म करने के आरोप में वर्ष 2019 में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग को लेकर बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया है। आदित्य पंचोली  ने अपनी याचिका में कहा कि उपनगर वर्सोवा पुलिस थाने में जून 2019 में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन अबतक ना तो मामले में आरोप पत्र दाखिल किया गया है और ना ही पुलिस ने मामले को बंद करने की रिपोर्ट जमा की है।

जांच में नहीं हुई प्रगति?
आदित्य पंचोली के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने मंगलवार को न्यायमूर्ति एन.एम.जामदार और न्यायमूर्ति एन.आर. बोरकर की पीठ के समक्ष तर्क दिया कि मामले में आरोप पत्र दाखिल नहीं करना इंगित करता है कि जांच में कोई प्रगति नहीं हुई है। आदित्य पंचोली ने प्राथमिकी रद्द करने की मांग के साथ-साथ यह भी अनुरोध किया है कि अदालत पुलिस को निर्देश दे कि वह जांच में हुई प्रगति की सूचना उन्हें दे। उच्च न्यायालय ने मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद पुलिस और महिला शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई 19 सितंबर को नियत कर दी।

क्या दिया अदालत ने निर्देश
अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई के दौरान जांच की स्थिति से उसे अवगत कराए। चंद्रचूड़ ने कहा कि मामला वर्ष 2019 से ही लंबित है और उनके मुवक्किल दुष्कर्म का आरोपी होने के कलंक के साथ जी रहे हैं। गौरतलब है कि महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि जब वह बॉलीवुड में नई थी, तब पंचोली ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आदित्य पंचोली ने ना केवल उसका शारीरिक उत्पीड़न किया बल्कि उसकी बहन का भी उत्पीड़न किया।

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