समय रहते किसानों को मिले उचित रूप से खाद नहीं तो लड़ेंगे सड़क की लड़ाई–नवनीत चांद

जगदलपुर ।मानसून के आगमन के साथ ही खेतों में रोपाई की तैयारी तो जोर- शोर से शुरु हो गई है।सहकारी समितियों में उर्वरक खाद की कमी के चलते किसानों के सामने समस्या खड़ी हो गई है कि वे क्या करें? ऐसे में लाइसेंसी दुकानदारों के मनमानियों से किसान हलकान हो रहे हैं, आए दिन खाद की परेशानियों से जूझ रहे किसानों की समस्याओं को लेकर बस्तर छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष एवं बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक श्री नवनीत चांद द्वारा प्रेस विज्ञप्ति जारी कर किसानों के इस समस्या को मौजूदा सरकार की उदासीनता और स्थानीय चुने हुए जनप्रतिनिधियों के साथ सम्बंधित प्रशासन घोर लापरवाही बताया है उन्होंने जिम्मेदार ठहराते हुए कहा है कि एक तरफ अन्नदाता मुश्किलों में दूसरे तरफ जिम्मेदार लापरवाह है यह नहीं चलने दिया जायेगा।
श्री नवनीत चांद ने अपने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि सर्वविदित है मानसून के आते ही किसान खेतों में रोपाई की तैयारियों में जुट जाते हैं ऐसे में उन्हें खाद डीएपी और पोटाश की जरूरत पड़ती है परंतु समितियों में उर्वरकों की कमी से किसान चिंता में एवं पीड़ा में है । किसानों को ऐसे में लाइसेंसी दुकानों से मनमानी कीमतों पर उर्वरक खरीदना पड़ रहा है श्री चांद ने कहा कि खाद की इस तरह की समस्या का हल पहले ही हो जाना चाहिए था परंतु अब मानसून आने के साथ जुलाई का माह आने वाला है परंतु किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के नाम पर सरकारी तंत्र फेल नजर आ रही है वहीं अन्नदाता किसान अनेक अनेक समस्याओं का सामना कर रहे हैं उन्हें डी डीएपी पोटाश खाद मजबूरी में मनमानी कीमतों पर खरीदना पड़ रहा है परंतु जिम्मेदार कुंभकरण की नींद में है,अन्नदाता किसानों की सरकार होने का दावा करने वाली वर्तमान सरकार इस विषय पर किसानों की समस्या दूर करने में विफल नजर आ रही है । उन्होंने कहा कि जो भी है परंतु किसानों की समस्याओं से बढ़कर कोई बात नहीं हो सकती मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस के युवा तेजतर्रार नेता श्री नवनीत चांद ने आगे स्पस्ट करते हुए कहा है कि समय रहते जल्दी ही इसका निदान हो और उचित रूप से समितियों के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध करवाया जाए अगर समय में किसानों की समस्या को लेकर जल्दी ही जिम्मेदार व्यवस्था तंत्र नींद से जाग कर कुछ नहीं करती है तो जनता कांग्रेस एवं मुक्ति मोर्चा किसानों के हित को लेकर सड़क पर आगे की लड़ाई लड़ने तैयार हैं।

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