पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा- नोनी सहायता योजना प्रचार के लिए या बेटियों के कल्याण के लिए?

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह इन दिनों ट्विटर पर बेहद सक्रिय हैं। उन्होंने नोनी सहायता योजना को लेकर सीएम भूपेश बघेल से ट्वीट के जरिये सवाल पूछा है। डॉ. रमन ने कहा कि भूपेश बघेल जी नोनी सहायता योजना प्रचार के लिए है या बेटियों के कल्याण के लिए? योजना में श्रमिकों की बेटियां जो 18 वर्ष से 18 वर्ष 6 महीने की है, उनको ही लाभ देने का जिक्र है। इतना कम अंतर क्यों? इसका दायरा कम से कम 15 वर्ष से 21 वर्ष 6 महीने होना चाहिए।
डॉ. रमन ने छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की अधिसूचना के दो पन्नों के दस्तावेज भी ट्विटर पर साझा किए हैं। दरअसल पूर्व सीएम ने यह सवाल इसलिए उठाया है कि योजना के तहत 18 वर्ष से 18 वर्ष 6 महीने तक पात्र बेटियों को लाभ देने का जिक्र है। ऐसे में बहुत कम लोगों को इस योजना का लाभ मिल पाएगा। डॉ. रमन ने ट्वीट के माध्यम से सीएम भूपेश को सुझाव भी दिया है कि इसका दायरा कम से कम 15 वर्ष से 21 वर्ष 6 महीने होना चाहिए। पूर्व सीएम के इस ट्वीट के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है।

गणतंत्र दिवस पर सीएम ने बस्तर में की है घोषणा
बता दें कि मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना-2022 को छत्तीसगढ़ में सीएम भूपेश बघेल द्वारा शुरू किया गया। इस योजना को 73वें गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को बस्तर में शुरू करने का ऐलान किया गया है। योजना के अंतर्गत राज्य में जितने भी श्रमिक परिवार की बेटियां हैं, उन्हें शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार (स्वयं का व्यवसाय) व शादी में 20 हजार रुपये की आर्थिक वित्तीय सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि लाभार्थी बेटी के बैंक खाते में सरकार द्वारा भेजी जाएगी। इसके लिए आधार कार्ड से लिंक वाला आवेदक का बैंक खाता होना बहुत जरूरी है।

20-20 हजार रुपये दो बेटियों को देगी सरकार
सरकार द्वारा 20-20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता श्रमिक परिवार की दो बेटियों को प्रदान करेगी। प्रदेश के जो श्रमिक छत्तीसगढ़ भवन निर्माण व अन्य स्वनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल (Building and other construction workers welfare board) में रजिस्टर्ड हैं, उन्हीं की बेटियों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा। इस योजना के माध्यम से श्रमिक के जीवन में भी सुधार आ सकेगा और वह अपनी घर की बेटियों को भी पढ़ा- लिखाने के साथ अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा सके।

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