यूएई में भारत के शख्स को मिली फांसी की सजा, एक करोड़ देकर Lulu Group के चेयरमैन एमए यूसुफ अली ने बचाई जान


नई दिल्ली: प्रवासी कारोबारी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से संचालित प्रसिद्ध Lulu Group के चेयरमैन एमए यूसुफ अली का नाम एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने एक शख्स को फांसी की सजा से बचा लिया। वो शख्स एक बड़े एक्सीडेंट के मामले में दोषी पाया गया था। खास बात तो ये है कि यूसुफ अली उसको ठीक ढंग से जानते भी नहीं थे, लेकिन उसकी जिंदगी बचाने के लिए उन्होंने बेहतरीन प्रयास किया, जो सफल भी रहा। ऐसे में अब केरल के लोग उनकी जमकर सराहना कर रहे हैं।
2012 का है मामला
वैसे ये मामला 9 साल पुराना है। केरल के निवासी बी. कृष्णन यूएई की एक निजी कंपनी में काम करते थे। 7 दिसंबर 2012 को वो कंपनी के काम से अपनी कार लेकर निकले। इसी दौरान एक हादसा हुआ, जिसमें फुटपाथ पर खेल रहे बच्चे की जान चली गई। इसके बाद पुलिस ने कृष्णन को गिरफ्तार कर लिया। बाद में कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज देखे। साथ ही चश्मदीदों के बयान के आधार पर कृष्णन को दोषी मानते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया लेकिन वहां पर भी उन्हें राहत नहीं मिली।
बच्चे का परिवार गया स्वीडन
यूएई में नियम काफी सख्त हैं, ऐसे में कृष्णन का बचना नामुमकिन लग रहा था। इस पर वकीलों ने एक रास्त बताया, जिसके तहत अगर बच्चे के परिजन आरोपी को माफ कर दें, तो फांसी की सजा को रद्द किया जा सकता है, लेकिन इसमें भी एक समस्या थी। बच्चा मूल रूप से स्वीडन का रहने वाला था। घटना के बाद उसके परिजन यूएई छोड़कर वापस लौट गए थे, ऐसे में उनसे माफी लेना बहुत ही मुश्किल काम था। इस वजह से कृष्णन के परिवार ने एमए यूसुफ अली से मदद मांगी। जिस पर उन्होंने भी तुरंत प्रयास शुरू कर दिया।



