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“बस्तर के स्वास्थ्य के नाम पर ₹25 करोड़ का CSR सहयोग—पहले स्वतंत्र ऑडिट, फिर वित्तीय निर्णय करे NMDC : नवनीत चाँद”

 

“विशेषज्ञ डॉक्टर, सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं और मरीजों के रेफरल का हो थर्ड पार्टी ऑडिट; गंभीर अनुबंधीय कमी मिले तो वित्तीय सहायता की समीक्षा हो”

जगदलपुर। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने डिमरापाल स्थित PPP मॉडल पर संचालित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को NMDC द्वारा दिए जा रहे/प्रस्तावित ₹25 करोड़ वार्षिक CSR सहयोग को स्वतंत्र मेडिकल, तकनीकी एवं वित्तीय अनुपालन ऑडिट से जोड़ने की मांग की है।

नवनीत चाँद ने कहा कि बस्तर के स्वास्थ्य के नाम पर करोड़ों रुपये का सहयोग केवल फाइल, प्रमाण-पत्र और भुगतान तक सीमित नहीं रह सकता। CSR राशि का परिणाम विशेषज्ञ डॉक्टरों की वास्तविक उपलब्धता, गुणवत्तापूर्ण उपचार और मरीजों को बाहर रेफर किए जाने में कमी के रूप में दिखाई देना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि शासन एवं अस्पताल संचालन संस्था के बीच हुए PPP अनुबंध और धरातल पर उपलब्ध सेवाओं का Third-Party Service Gap Audit कराया जाए। Cath Lab, Cardiology, CTVS, Neurology, Gastro Medicine, ICU, Trauma एवं Emergency सेवाओं के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों, तकनीकी एवं पैरामेडिकल स्टाफ की वास्तविक तैनाती का सत्यापन हो।

नवनीत चाँद ने कहा, “सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल होने के बावजूद कितने मरीज रायपुर, विशाखापट्टनम या हैदराबाद रेफर हुए और क्यों—इसका Referral Audit होना चाहिए। रियायती उपचार, शासन-निर्धारित दरों और आयुष्मान योजना की billing व्यवस्था की भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।”

उन्होंने स्पष्ट किया कि मोर्चा अस्पताल बंद कराने या किसी संस्था को बिना जांच दोषी ठहराने के पक्ष में नहीं है।

> “हम आरोप नहीं, स्वतंत्र सत्यापन मांग रहे हैं। Utilisation Certificate बताएगा कि पैसा खर्च हुआ, लेकिन Outcome Audit बताएगा कि बस्तर के मरीज को मिला क्या?”

 

मोर्चा ने मांग की कि आगामी CSR सहायता से पूर्व documented compliance और service-delivery review हो। गंभीर अनुबंधीय विसंगतियां प्रमाणित होने पर नियमानुसार आगामी वित्तीय सहायता की समीक्षा, समयबद्ध सुधार योजना और निरंतर उल्लंघन की स्थिति में पारदर्शी पुनः निविदा प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाए।

साथ ही NMDC के CSR, Medical अथवा Finance क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी को अस्पताल की निगरानी समिति में प्रतिनिधित्व देने तथा Quarterly Public Performance Dashboard जारी करने की मांग की गई।

नवनीत चाँद ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 एवं अनुच्छेद 47 की भावना जीवन, गरिमा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़ी है।

> “हमें बोर्ड पर लिखा सुपर स्पेशियलिटी नहीं, अस्पताल के भीतर विशेषज्ञ डॉक्टर और गुणवत्तापूर्ण इलाज चाहिए। बस्तर के नाम पर पैसा खर्च होगा तो हिसाब और परिणाम भी बस्तर की जनता के सामने होना चाहिए।”

 

इस संबंध में NMDC CMD एवं नगरनार स्टील प्लांट प्रबंधन को तकनीकी ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान जगदलपुर विधानसभा मंडल अध्यक्ष मेहताब सिंह, जिला प्रवक्ता अलका नादान, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रिया यादव, शहर महामंत्री सुरेश नाग, जनता दरबार प्रभारी आकाश आनंद सहित विभिन्न पदाधिकारी उपस्थित रहे।

“अस्पताल बंद नहीं—पूरी क्षमता से चलता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चाहिए।”

 

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