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दलपत सागर का कार्य शुरू होने से पहले जनता से कार्ययोजना साझा करें महापौर – रोहित सिंह आर्य

 

 

 

जगदलपुर । छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मानवनिर्मित तालाब जगदलपुर में स्थित है। 17वीं शताब्दी में राजा दलपत देव काकतीय द्वारा बनवाया गया यह झील, शहर के लिए एक महत्वपूर्ण जल स्रोत के रूप में काम करता है। यह झील, अपनी सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के कारण, जगदलपुर आने वाले पर्यटकों के लिए एक लोकप्रिय स्थान भी है।

निकट कुछ वर्षों में यह तालाब काफी विवादों में रहा कभी भूमाफियाओं की वजह से तो कभी इसके अस्तित्व पर सवालिया निशान को लेकर। वर्तमान में स्थिति यह है कि दलपत सागर की दुर्दशा को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। लोगों का कहना है कि वर्षों से करोड़ो रूपये खर्च होने के बावजूद भी तालाब की दुर्दशा लगातार हो ही रही है, जोकि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस विषय पर लंबे समय से संघर्ष कर रही सामाजिक संगठन पब्लिक वॉइस के रोहित सिंह आर्य ने कहा कि हर बार की तरह इस बार भी दलपत सागर के संरक्षण के नाम पर करोड़ों रुपए की स्वीकृति हुई है साथ ही बड़ी बड़ी घोषणाएं हो रही हैं। इस पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार दलपत सागर वाकई में साफ हो जाएगा।
आर्य ने कहा कि महापौर जी को जनता के समक्ष स्पष्ट कार्य योजना रखनी चाहिये जिसमें वे यह बताएं कि कार्य कब शुरू होगा कितने चरणों में होगा और कब तक पूरा होगा।

उन्हें यह भी जनता को स्पष्ट व आस्वस्त करना चाहिए कि हर बार की तरह इसबार जनता की गाढ़ी कमाई के पैसों का बंदर बांट ना होकर केवल दलपत सागर के संरक्षण में इसे खर्च किया जाएगा।

आर्य ने आगे कहा कि यह भी बहुत महत्वपूर्ण है कि दलपत सागर में कोई भी नया कार्य शुरू करने से पहले एक बार तालाब का क्षेत्रफल व कैचमेंट एरिया पुनः मापा जाना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि दलपत सागर जगदलपुर के भूजल श्रोत का सबसे बड़ा साधन है। झूठे आश्वासन, घोषणाओं और पैसों के बंदरबांट की वजह से दलपत सागर अपने अस्तित्व बचने के लिये संघर्ष कर रहा है, जोकि बहुत दुःखद है। पब्लिक वॉइस की टीम कार्यों की सतत निगरानी करेगी और जनता तक रिपोर्ट पहुंचाएगी।

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