सरकार की अनिर्णय क्षमता के कारण आरटीई में गरीब बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पा रहा है

रायपुर। सरकार के अनिर्णय क्षमता के कारण आरटीई में निजी स्कूलों में गरीब बच्चों की भर्ती में हो पा रही है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार की अनिर्णय क्षमता निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी की मांग और भर्ती नियम में बदलाव के विवाद के चलते गरीब बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। भाजपा सरकार गरीब माता पिता के बच्चों के निजी स्कूलों में पढ़ने के सपना को कुचल रही है।पहले आरटीई के भर्ती नियम में बदलाव कर निजी स्कूलों में नर्सरी को नही बल्कि पहली कक्षा को प्रवेश कक्षा माना गया जो सरासर गलत है। जबकि स्कूल की प्रथम कक्षा अगर नर्सरी है तो भर्ती उसी कक्षा से शुरू होगी। क्योकि निजी स्कूलों में जो बच्चे खुद के खर्च से नर्सरी में भर्ती होते है वो प्रगति करते हुए पीपी वन/टू के बाद क्लास वन में पहुँचते है। जब क्लास वन की सीट पूर्व से शिक्षा ले रहे पीपी टू के बच्चां से भर जायेगी ऐसे में आरटीई के तहत गरीबो बच्चों के लिए सीट कहाँ बचेगा? आखिर सरकार निजी स्कूलों के फीस बढोत्तरी के मांग पर विचार क्यां नहीं कर रही है?
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार देना नहीं चाहती। इसलिये निजी स्कूलों के साथ विवाद को सुलझा नहीं रही है जिसके चलते गरीब बच्चे भर्ती को लेकर अधर में अटके हुए है। निजी स्कूलों ने सरकार के खिलाफ पहले ही मोर्चा खोल दिया है। असहयोग आंदोलन चला रही है फीस बढ़ोतरी नहीं होने पर गरीब बच्चों को आरटीई के तहत भर्ती नहीं करने की घोषणा कर दी है। प्रदेश के 6500 से अधिक निजी स्कूलों ने 28 जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी को भर्ती नहीं करने की लिखित सूचना भी दे दी है ऐसे में सरकार को हठधर्मिता त्याग कर निजी स्कूलों से चर्चा करना चाहिये। आरटीई के भर्ती में नियम में किये बदलाव को वापस लेना चाहिये, निजी स्कूलों के फीस बढोत्तरी पर चर्चा कर समाधान निकालना चाहिये। सरकार का मूल मकसद शिक्षा के अधिकार के तहत खर्च होने वाली राशि मे कमी करना नही बल्कि ज्यादा से ज्यादा बच्चो को शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों के प्रथम प्रवेश क्लास में भर्ती करा शिक्षा देना होना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों एवं सुविधाओं की कमी है बीते सवा दो साल में 10500 के करीब स्कूल बंद हो चुके है अब आरटीई नियम में बदलाव से गरीब बच्चों की भर्ती रुकी तो कांग्रेस चुप बैठने वाली नही गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने सड़क से लेकर सदन तक आवाज उठायेगी।



