अतिक्रमण हटाओ अभियान बना बवाल, भोजनालय तोड़ने पर नगर निगम कार्यालय में जमकर हंगामा और तोड़फोड़

मेघा तिवारी रायपुर छत्तीसगढ़- रायपुर। राजधानी रायपुर के जोन क्रमांक 8 के अंतर्गत आने वाले टाटीबंध चौक और वार्ड क्रमांक 70 चंदनीडीह मुख्य मार्ग पर मंगलवार को नगर निगम द्वारा चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान भारी बवाल में तब्दील हो गया। नगर निगम की ‘टीम प्रहरी’ द्वारा की गई कार्यवाही में एक महिला द्वारा संचालित सड़क किनारे भोजनालय को अवैध मानते हुए तोड़ दिया गया, जिसके बाद मौके पर विवाद उत्पन्न हो गया। देखते ही देखते महिला के परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया, जो हिंसक रूप में नगर निगम जोन कार्यालय में तोड़फोड़ तक पहुंच गया।
*सड़क किनारे भोजनालय गिराए जाने से भड़का गुस्सा*
मिली जानकारी के अनुसार, नगर निगम की टीम ने जब टाटीबंध चौक के पास अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही शुरू की, तो सड़क किनारे वर्षों से संचालित एक छोटे भोजनालय को भी अवैध मानकर हटा दिया गया। यह भोजनालय एक महिला द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो कि उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन था। भोजनालय तोड़े जाने की सूचना मिलते ही महिला के परिजन आक्रोशित हो उठे और बड़ी संख्या में लोग महोबा बाजार स्थित नगर निगम के जोन क्रमांक 8 कार्यालय में इकट्ठा हो गए।
*नगर निगम कार्यालय में हंगामा, कांच और फर्नीचर तोड़ा*
गुस्साई भीड़ ने नगर निगम कार्यालय में प्रवेश कर जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों ने कार्यालय में लगे कांच, फर्नीचर, दस्तावेज और अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचाया। कुछ कर्मचारियों को चोटें भी आई हैं और कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस ने संभाली स्थिति, उपद्रवियों को लिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही सरस्वती नगर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हंगामा करने वालों को हिरासत में लिया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल की गई।
*उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज*
पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, सरकारी परिसर में अवैध घुसपैठ, और तोड़फोड़ जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। थाना प्रभारी ने बताया कि वीडियो फुटेज और कर्मचारियों के बयान के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और आवश्यकतानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम की सफाई: वैध अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई थी
वहीं, नगर निगम अधिकारियों ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूर्व निर्धारित अभियान के तहत की गई थी। क्षेत्र में यातायात बाधित होने और स्थानीय नागरिकों की लगातार मिल रही शिकायतों को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाया गया। निगम के अनुसार, कार्रवाई से पहले मुनादी और नोटिस भी जारी किए गए थे।
*कर्मचारियों ने मांगी सुरक्षा, कहा – मनोबल टूटता है*
इस घटना के बाद नगर निगम कर्मचारियों में भी असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई है। महोबा बाजार जोन कार्यालय के स्टाफ ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस तरह के अभियानों के दौरान पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएं। कर्मचारियों का कहना है कि “इस तरह के हमले उनके मनोबल को तोड़ते हैं और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कर्मचारी बिना डर के अपना कर्तव्य निभा सकें।”
*स्थानीय लोगों की नाराजगी और प्रशासन की दुविधा*
घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भी नाराजगी देखी गई। उनका कहना है कि निगम द्वारा बिना किसी मानवीय दृष्टिकोण के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को तोड़ देना सरासर गलत है। हालांकि, नगर निगम का पक्ष है कि अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, चाहे वह किसी भी सामाजिक स्थिति के व्यक्ति द्वारा किया गया हो।



