पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ले सरकार : प्रियंका गांधी

नयी दिल्ली, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि पहलगाम में हुआ आतंकवादी हमला देश की अस्मिता पर आक्रमण है और हमारी खुफिया एजेंसियों की बहुत बड़ी विफलता का परिणाम है। इस चूक के लिए जिम्मेदार लोगों का इस्तीफा होना चाहिए था लेकिन इस्तीफा तो दूर, देश को चलाने वाले लोग इसकी जिम्मेदारी लेने को भी तैयार नहीं हैं।
श्रीमती वाड्रा ने मंगलवार को लोकसभा में आपरेशन सिंदूर पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि इस घटना के लिए देश की खुफिया एजेंसियां, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और देश के गृहमंत्री जिम्मेदार हैं। उन्हें नैतिक आधार पर हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए था लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि इस्तीफा तो दूर, गृहमंत्री अमित शाह इस घटना की जिम्मेदारी लेने को भी तैयार नहीं हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी हमला किया और उनका नाम लिए बना कहा कि देश के प्रमुख को सिर्फ सफलता का श्रेय नहीं लेने को उत्साहित नहीं चाहिए। देश में जो घटनाएं होती हैं उनकी जिम्मेदारी भी उनकी होती है और इसकी जिम्मेदारी लेने का उनमें साहस भी होना चाहिए। उनका कहना था कि पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने की बात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प करते हैं और यह हमारे लिए अत्यंत चिंता का विषय है। सरकार को बताना चाहिए कि सैन्य कार्रवाई क्यों रुकी। इसका जवाब सरकार को देना चाहिए लेकिन सरकार इस बारे में चुप्पी साधे हुए है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि आपरेशन सिंदूर को सफलता नहीं कहा जा सकता है। यदि आपरेशन सिंदूर का लक्ष्य आतंकवाद को खत्म करना था तो यह आपरेशन सफल नहीं है क्योंकि जो पाकिस्तान आतंकवाद को पनाह देता है उस पाकिस्तान को इसी बीच संयुक्त राष्ट्र में अहम जिम्मेदारी मिलती है तो क्या इस लक्ष्य का यही जवाब है। देशवासियों के प्रति जवाबदेही होनी चाहिए लेकिन सच यह है कि सरकार के लिए जनता की समस्या से ज्यादा खुद का प्रचार, पीआर महत्वपूर्ण है।
श्रीमती वाड्रा ने कहा कि सरकार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद खत्म करने के दावे करती है लेकिन वहां निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं।
हंसते खेलते परिवार उजड़ रहे हैं।
उनका कहना था ” 22 अप्रैल को पहलगाम का मौसम सुहावना था और इसी की वजह से वहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे थे। लोग पूरे परिवार के साथ सुहावने मौसम का आनंद ले रहे थे लेकिन तभी अचानक चार आतंकवादी जंगल से आते हैं और वहां मौजूद पर्यटकों में से चुन चुन कर 26 लोगों को मार देते हैं। लोगों में अफरा तफरी मच गई और बचे खुचे लोग जंगल की तरफ भागने का प्रयास करते हैं। आतंकवादियों ने एक घंटे तक कोहराम मचाया और वहां गये पर्यटकों को चुन चुन कर मारा। वहां भारतीय नागरिकों की चुन चुन कर हत्या की जा रही थी और एक घंटे तक



