गरीबों को लाखों रुपए के टैक्स ना देने के एवज में कब्जा खाली कराने सख्ती बरतने दिए जा रहे संबंधी नोटिस– बाफना

BY-Naveen Shrivastava

मध्यप्रदेश शासनकाल के दौरान (विभाजन से पूर्व छत्तीसगढ़ क्षेत्र सहित) वर्ष 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एवं वर्ष 2002 में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी जी की सरकार के द्वारा शासकीय (नजूल) भूमि पर नगरीय क्षेत्र के आवासहीन गरीब कब्जाधारियों को राजीव गांधी आवासीय पट्टा योजना के जरिए अपनी जमीन का मालिकाना हक देने के पश्चात् वर्तमान छत्तीसगढ़ काॅग्रेस सरकार द्वारा राजीव गांधी आश्रय योजना के नाम पर उन्हीं पट्टाधारियों से पुनः व्यवस्थापन के लिए लाखों रूपये टैक्स वसूले जाने के गंभीर मामले पर भाजपा नेता एवं जगदलपुर विधानसभा के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है।

पूर्व विधायक ने अपने पत्र लिखा है कि, एक ओर जहाॅ आपकी की पार्टी के द्वारा किसी योजना से पहले गरीबों को राहत पहुॅचाने का कार्य किया जाता है तो वहीं दूसरी ओर पुनः आपकी ही पार्टी के द्वारा उन्हीं गरीबों को लाखों रूपये के टैक्स न देने के एवज में कब्जा खानी कराने की सख्ती बरतने संबंधी नोटिस दिये जा रहे हैं।

राजीव गांधी आश्रय योजना सिर्फ इस योजना का नाम ही स्वागत योग्य है किन्तु इस योजना से गरीबों को राहत पहुॅचाने की जगह इसकी आड़ में गरीब आवासहीन कब्जाधारियों की मुसीबतें बढ़ाने का कार्य हो रहा है। ऐसे अनौचित्य कार्य से सवाल उठता है कि, मेहनत मजदूरी करके किसी प्रकार परिवार का भरण-पोषण करके जीवनयापन करने वाली गरीब जनता लाखों रूपये पट्टे के लिए कहाॅ से पटायेंगे।

विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान जनता से किये गए वायदे को याद दिलाते हुए आगे कहा है कि आपके नेतृत्व में शासकीय (नजूल) भूमि पर कब्जाधारी परिवारों को नियत अवधि के भीतर पट्टा प्रदाय करने का वायदा किया गया था। इस वायदे से गरीब जनता को उम्मीद थी कि सरकार की ओर से उन्हें निःशुल्क पट्टा ही प्रदाय किया जाएगा। न कि पट्टे के लिए लाखों रूपये टैक्स देने होंगे। अपने वायदे से मुकरते हुए अब उन्हीं लोगों से व्यवस्थापन के नाम पर एवं राजस्व में बढ़ोतरी के लिए सरकार की ओर से अब अनौचित्य राशि मांगी जा रही है।

इसके अलावा, ऐसे समस्त शहरी आवासहीन निर्धन कब्जाधारी परिवार जिन्हें किन्हीं कारणवश शासन की योजना से स्थाई पट्टा नहीं मिल सका था ऐसे परिवारों से भी राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत् क्षेत्र के हिसाब से दर निर्धारित करके एवं 800 वर्ग फुट से अधिक भूमि पर कब्जा होने पर निर्धारित की गई दर से अधिक 152 प्रतिशत की दर से राशि देने को विवश किया जा रहा है।

गरीब जनता को स्थाई फ्री-होल्ड आवासीय पट्टा देने का चुनाव में जो आपकी काॅग्रेस पार्टी ने वायदा किया था कष्ट करते हुए कृपया उस वायदे को याद करें। और पूर्व में आपकी ही काॅग्रेस पार्टी की सरकार के द्वारा राजीव गांधी आवासीय पट्टा जिन लोगों को प्रदाय किया गया था उनसे पट्टा नवीनीकरण के नाम पर लाखों रूपये टैक्स वसूलने की जगह उन्हें पुनः निःशुल्क पट्टा प्रदाय किया जाए। इसके अलावा जिन लोगों को नियमों के अनुरूप निःशुल्क पट्टा प्रदाय नहीं किया जा सकता कम से कम उन सभी को राजीव गांधी आश्रय योजना का लाभ देने के एवज में 152 प्रतिशत की अधिक दर जो निर्धारित की गई है उसमे रियायत बरतने संबंधि आवश्यक कार्यवाही करें। ताकि उनका अपना आशियाना बिना किसी मानसिक प्रताड़ना के सुरक्षित हो सके।

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