माता की आराधना में नौ दिनों तक डूबे रहे श्रद्धालु जोत ज़्वारा के साथ होगी माता की विदाई

माता की आराधना में नौ दिनों तक डूबे रहे श्रद्धालु
जोत ज़्वारा के साथ होगी माता की विदाई

माता के दरबार में महाभंडारे का किया गया था आयोजन
हरिमोहन तिवारी /रायपुर
आदिशक्ति की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्र में देवी दुर्गा की अराधना में 3 अक्टूबर से माता की भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर माता की आराधना में लगे हुए थे!
शुक्रवार को सुबह 11 बजे मंदिर प्रांगण में महाष्टमी को लेकर तैयारी में लगे रहे
महागौरी माता की विशेष पूजन के बाद जजमान सोनल उत्तम दानी एंव समिती के अध्यक्ष संजय सिंह, संजीव नशीने एंव भक्तगण पंडित जी के विधीवत मंत्रोच्चार के साथ हवन कुँड में आहुति डाली और सपरिवार सुख समृद्धि की कामना की!
पंडित पंडा ने बताया कि
नवरात्रि के आठवें दिन यानी कि महाअष्टमी को कन्या पूजन से पहले महागौरी की पूजा का विधान है।
महागौरी की पूजा अत्यंत कल्याणकारी और मंगलकारी है। मान्यता है कि सच्चे मन से अगर महागौरी को पूजा जाए तो सभी संचित पाप नष्ट हो जाते हैं और भक्त को अलौकिक शक्तियां प्राप्त होती हैं।
शनिवार को सुबह से नवम् स्वरुप में माता सिद्धिदात्री की
पूजा अर्चना की गई।
इसके उपरांत 11 बजे माता के कन्या स्वरूप में छोटी-छोटी कन्याओं का चरण धोकर पूजन कर पूडी, और हलवा ,मिस्ठान के साथ प्रसाद ग्रहण कराया गया।
श्रीराम मंदिर प्रांगण में प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी शारदीय नवरात्रि धूमधाम से मनाई गई
मां जगत जननी दुर्गा की पूजा में कॉलोनी के सभी भक्त सुबह शाम आरती में शामिल हो रहे थे
नवमीं को सिद्धिदात्री माता की पूजा में भक्तों की भीड़ माता के भव्य स्वरूप के दर्शन को उमड़ा रहा है।
कन्या भोज के बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। जहां भक्तो ने माता रानी के दर्शन
के साथ भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
मन्दिर प्रांगण में कॉलोनीवासीयों सहित सुबह से ही भक्तों का जनसैलाब उमड़ा रहा।
इस अवसर पर समिती के सदस्य एंव गणमान्य नागरिक उपस्थिति रहे!



