मदिरा प्रदेश वाले बयान पर सियासत लगातार जारी, गृहमंत्री बोले- कमलनाथ ‘अहाते’ बंद होने पर इतने ‘आहत’ क्यों

भोपाल। मध्यप्रदेश में मदिरा प्रदेश वाले बयान पर सियासत लगातार जारी है। प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कमलनाथ पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कमलनाथ अहाते बंद होने पर इतने आहत क्यों है। आप मदिरा प्रदेश कह रहे हो कभी आप महान भारत को बदनाम भारत कहते हो, आखिर आपको हो क्या गया है।
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि जाकी रही भावना जैसी ही समझ नहीं आया। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि कमलनाथ मध्य प्रदेश को हम मंदिर मानते हैं। महाकाल को मानते हैं। मां पीताम्बरा माई को मानते हैं, मां नर्मदा मैया में इस प्रदेश को मानते हैं। आप मदिरा प्रदेश कह रहे हो कभी आप महान भारत को बदनाम भारत कहते हो। आखिर आपको हो क्या गया है।
गृहमंत्री ने कहा कि नर्मदा के किनारे पहले भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने 64 दुकानें बंद की। 10 साल में एक भी नई दुकान नहीं खुली। वो भी आप ऐसे बयान दे रहे हो जो कि महिलाओं के लिए अलग से दुकानें खोलने वाले थे। अहाते बंद होने पर कमलनाथ इतने आहत क्यों है।
दरअसल, पूर्व मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ कमलनाथ ने प्रदेश की नई शराब नीतिको लेकर निशाना साधा था। छिंदवाड़ा में उन्होंने कहा था कि एमपी का मतलब मध्यप्रदेश होता था, लेकिन अब ‘एमपी’ का मतलब ‘मदिरा प्रदेश’ हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिन के सपने दिखाए थे, लेकिन मध्यप्रदेश में अच्छे दिन की जगह गांव-गांव और घर-घर में शराब बिक रही है। अब प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह सिर्फ झूठी घोषणाएं करते हैं।
बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के इस बयान का जगह-जगह विरोध किया जा रहा है। एमपी को मदिरा प्रदेश कहे जाने वाले बयान से भाजपा में काफी नाराजगी है। इसे लेकर प्रदेश भर में विरोध करते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा है। कई जिलों में भाजपाइयों (BJP) ने पूर्व सीएम का पुतला भी फूंका है।



