अमर अग्रवाल बोले- फाइव ट्रिलियन इकॉनमी का लक्ष्य हासिल करेगा ये बजट

आम बजट को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व वित्त मंत्री अमर अग्रवाल और औद्योगिक विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष छगन मुंदडा की प्रतिक्रिया सामने आई है. अमर अग्रवाल ने कहा, 2014 से लेकर आज तक का बजट बहुत बारीकी से देखा है. निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि दूरदर्शिता के साथ बनाया गया बजट है. वहीं बजट पर राज्यसभा सांसद सरोज पांडे ने कहा, चुनौतियों के बावजूद हम श्रेष्ठता की तरफ बढ़ रहे हैं. यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है. साथ ही मुंदड़ा ने इस बजट को भारत में 25 वर्ष के विकास का रोडमैप बताया है.

आगे अमर अग्रवाल ने कहा, इस बजट से जल्द ही फाइव ट्रिलियन इकॉनमी का लक्ष्य देश हासिल कर सकेगा. यह बजट आज की मौजूदा स्थिति को देखकर बनाया गया है. सभी वर्गों का ध्यान बजट में रखा गया है. बजट में महिलाओं, युवाओं, नौकरी पेशा और किसान सबके लिए प्रावधान किया गया है. बजट को 10 में से 10 क्या उससे ज्यादा नंबर भी दे दूं तो कम है.

वहीं छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष छगन मुंदड़ा ने कहा कि, हर वर्ग को इस बजट में उम्मीद से भी अधिक मिला है. विशेष तौर पर उन्होंने नए कर युग का स्वागत करते हुए 7 लाख तक की आय को कर मुक्त करने को मास्टरस्ट्रोक बताया है.

मुंदड़ा ने यह भी कहा कि, कांग्रेस शासन के समय से नौ गुना से अधिक का बजट रेलवे को आवंटित करने से ना केवल रेल सुविधाओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. बल्कि भारत की जीवन रेखा रेलवे के कायाकल्प से देश में उद्योग, व्यापार, पर्यटन आदि को बढ़ावा मिलेगा और पीएम मोदी के सपने के अनुरूप भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की तरफ तेजी से अग्रसर होगा. एमएसएमई को मिली बड़ी राहत से भी कोविड उपरान्त की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और बड़ी संख्या में इससे रोजगार सृजन भी होगा. मुन्दड़ा ने कुल मिलाकर इस बजट को भारत की नहीं उम्मीद को पंख देने वाला बजट कहा है.

साथ ही सीए किशोर बरड़िया ने कहा, दुनिया भारत के मॉडल को स्वीकार कर रही है. भारत आर्थिक विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसकी वजह भारत की कई बड़ी उपलब्धियां हैं. भारत की प्रति व्यक्ति आय दोगुनी हो गई है. कोविड महामारी के दौरान किसी को भूखे नहीं सोने दिया. सहकार से समृद्धि के विजन पर भरोसा करके काम कर रही है. इस साल 6.5 करोड़ ITR की प्रोसेसिंग की गई हैं.

देश के इतिहास में पहली बार आयकर में न्यूनतम, मध्यम और अधिकता अर्थात सभी वर्गों को एक साथ छूट का फायदा मिला, सरकार के इस आख़िरी पूर्ण बजट के अनुसार इनकम टैक्स में अब 7 लाख से कम आय वालों को कोई इनकम टैक्स नहीं देना होगा. ये फायदा सिर्फ नई टैक्स रिजीम में दिया जाएगा, हालांकि पुरानी टैक्स रिजीम का ऑप्शन भी मौजूद रहेगा. नई टैक्स रिजीम में भी अब स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलेगा, इससे करदाताओं को काफी लाभ होगा. वरिष्ठ नागरिक फिलहाल अधिकतम 15 लाख रुपये जमा कर सकते थे, इस लिमिट को बढ़ाकर 30 लाख रुपये किया गया है.

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