भारत की दरियादिली, भूटान-नेपाल सहित इन देशों के लिए बजट में किया बड़ी रकम का प्रावधान

नई दिल्ली। वित्त मंत्री ने मोदी सरकार 2.0 के अंतिम पूर्ण बजट में केवल भारत के ही लिए नहीं बल्कि भूटान, नेपाल, श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के साथ 14 देशों के लिए बजट में रकम का प्रावधान किया है. सबसे ज्यादा 2400.58 करोड़ रुपए भूटान के लिए रखी गई है, वहीं सबसे कम मंगोलिया के लिए 7 करोड़ रुपए रखा गया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने केंद्रीय बजट में पड़ोसी सहित दुनिया के अन्य देशों के लिए 5408.37 रुपए का प्रावधान रखा है. यह पिछले साल 6292.30 करोड़ से करीबन 800 करोड़ रुपए कम है, लेकिन वास्तव में खर्च की गई रकम 5476 करोड़ रुपए के करीब है. पहले की ही तरह इस बार भी बजट में भूटान के लिए सबसे ज्यादा रकम रखी गई है. भूटान के लिए 2400.58 करोड़ रुपए रखा गया है, वहीं दूसरे स्थान पर नेपाल है, जिसके लिए 550 करोड़ रुपए रखा गया है. इसका बाद मॉरिशस का नंबर आता है, जिसके लिए 460.79 करोड़ रुपए रखा गया है.
मालद्वीप और म्यांमार के लिए बजट में 400-400 रुपए का प्रावधान किया गया है. अफगानिस्तान और बांग्लादेश के लिए 200-200 करोड़ रुपए रखा गया है. आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है. अफ्रीकी देशों के लिए संयुक्त रूप से 250 करोड़ रुपए रखा गया है. वहीं यूरेशियन देशों के लिए 75 और लेटिन अमेरिकी देशों के लिए 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा भारत से सटे सेशल्स के लिए 10 करोड़ और मंगोलिया के लिए 7 करोड़ रुपए रखा गया है.
केंद्रीय बजट में अलग-अलग देशों के लिए रकम का प्रावधान उनकी भारत पर निर्भरता- जैसे भूटान, और वैचारिक और सांस्कृतिक निकटता – जैसे मंगोलिया की वजह से किया गया है. यह रकम भारत की एक तरह से सॉफ्ट पॉवर को प्रदर्शित करता है, जिसका उपयोग भारत के प्रति इन देशों में नकारात्मकता दूर कर सकारात्मकता को विकसित करना है.



