श्रीअन्न क्या होता है, जिसका निर्मला सीतारमन ने लिया बार बार नाम, बजट में क्या प्रावधान

नई दिल्ली. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश कर रही हैं। शुरुआती भाषण में ही उन्होंने किसानों और फसलों का जिक्र कर दिया। बुधवार को उन्होंने देश में मोटे अनाज के उत्पादन के लिए श्रीअन्न योजना की शुरुआत करने का फैसला लिया है। इसके अलावा उन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्रों के लिए भी डिजिटल लाइब्रेरी जैसी घोषणाएं की हैं।
भाषण के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने देश में मिलेट्स यानी मोटे अनाज की पैदावार को बढ़ाने के प्रयास की बात कही है। इसके लिए उन्होंने भारतीय मिलेट्स संस्थान के गठन की बात कही है। साथ ही देश में श्रीअन्न योजना का आगाज होगा, जिसके तहत किसानों को मोटे अनाज के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
क्यों खास हैं मिलेट?
ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कंगनी, चीना, कोदो और कुट्टू जैसे मोटे अनाजों को मिलेट क्रॉप्स की श्रेणी में शामिल किया जाता है। विटामिन, खनिज, आहार फाइबर या दूसरे पोषक तत्वों के लिहाज से मिलेट्स बेहद खास होते हैं। हालांकि, कहा जाता है कि साल 2016-17 के आंकड़े बताते हैं कि खपत में बदलाव के चलते मिलेट की खेती का जमीनी हिस्सा तेजी से घटा है।
अभी क्या हैं नीतियां
मिलेट्स में सरकार ने भी अपना रुझान बढ़ाया है और कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें इंटीग्रेटेड सीरियल्स डेवलपमेंट प्रोग्राम इन कोर्स सीरियल्स (ICDP-CP), राष्ट्रीय कृषइ विकास योजना के हिस्से के रूप में इनीशिएटिव फॉर न्यूट्रिशनल सिक्योरिटी थ्रू इंटेंसिव मिलेट प्रमोशन (INSIMP) और रेनफेड एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (RADP) शामिल है।



