गुप्तरोगी ने अस्पताल में 7 बार किया ब्लड डोनेट, खुली बात तो उड़ गए…

अयोध्या. अयोध्या जिला अस्पताल के ब्लड बैंक के कर्मचारियों की सर्तकता ने लगभग 7 लोगों को गुप्तरोग का रोगी होने से बचा लिया। मिली जानकारी के अनुसार नगर के लालकुर्ती निवासी एक व्यक्ति को नशे की लत लग गई। वह नशा करने के लिए डोनर बन अपना रक्त बेचने लगा। उसने लगभग सात बार जिला चिकित्सालय में अपना रक्त निकालकर जरूरतमंद लोगों को बेच दिया। उसका ब्लड ग्रुप ओ पाजिटिव बताया जाता है। ब्लड बैंक के कर्मचारियों को उसकी ओर से दिए गए रक्त में जांच करने पर गुप्तरोग मिलने की बात सामने आने पर ब्लड बैंक के कर्मचारी चौकन्ना हो गए। उन्होंने इसकी सूचना प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को दी।

प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने तत्काल किए गए रक्तदान का सेम्पल जांच के लिए लैब में भेज दिया। जहां यह पता लगा कि रक्तदान करने वाला व्यक्ति गुप्तरोग का मरीज है। इसके बाद ब्लड बैंक के कर्मचारियों ने रिकार्ड के आधार पर उसे खोज निकाला। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक के निर्देश पर उसका जिला चिकित्सालय में इलाज प्रारम्भ कर दिया गया है। उसे रक्तदान करने से पूरी तरह से प्रतिबन्धित कर दिया गया है। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि कर्मचारियों की सर्तकता के कारण उसका रक्त हर बार नष्ट कर दिया गया किसी को नहीं दिया गया अन्यथा जिसे उसका रक्त दिया जाता वह भी गुप्तरोग का रोगी हो जाता।

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