हिमाचल के सभी विधायकों को राहुल ने बुलाया

हिमाचल प्रदेश की नई सुखविंद सिंह सुक्खू सरकार के कैबिनेट गठन में अभी और वक्त लग सकता है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हिमाचल के सभी 40 कांग्रेस विधायकों को राजस्थान आने के लिए कहा है। बताया जा रहा है कि यह सभी विधायक अलवर में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हो सकते हैं। अंदेशा जताया जा रहा है कि सुखविंद सिंह सुक्खू सरकार में मंत्री पद पाने के लिए हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में लॉबिंग शुरू हो गई है। इसी लॉबिंग को देखते हुए अब राहुल गांधी ने सभी विधायकों को राजस्थान बुला लिया है। कहा जा रहा है कि यहां राहुल गांधी सुक्खू कैबिनेट में शामिल होने वाले मंत्रियों के नामों को लेकर मंथन करेंगे जिसके बाद कैबिनेट मंत्रियों के नाम फाइनल किये जाएंगे।
गुटबाजी खत्म करने की कवायद
राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा इस वक्त राजस्थान में है। अब हिमाचल प्रदेश के विधायक भी इस यात्रा का हिस्सा हो सकते हैं। ऐसे में संभावना यह जताई जा रही है कि कैबिनेट मंत्रियों के नाम 15 दिसंबर तक तय हो सकते हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद सिंह सुक्खू और उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के साथ सभी 38 विधायक सचिवालय में पहुंचे थे और एक बैठक हुई थी। लेकिन इस बैठक में क्या कुछ हुआ यह अभी सामने नहीं आया है। कहा जा रहा है कि इस बैठक में मंत्रियों के नाम तय नहीं किये जा सके। जिसके बाद राहुल गांधी ने सभी को राजस्थान आने के लिए कहा है।
माना जा रहा है कि राहुल गांधी की यह कवायद हिमाचल प्रदेश में मंत्री पद के लिए किसी भी तरह की गुटबाजी को खत्म करने का ही एक हिस्सा है। पार्टी यहां मध्य प्रदेश जैसे हालातों से बचना चाहती है इसलिए हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है। पार्टी के भीतर अब किसी भी तरह की बगावत ना हो इसीलिए राहुल गांधी खुद मंत्रिमंडल गठन पर गहन चिंतन-मंथन करेंगे।
मंत्री पद के लिए इन नामों की चर्चा
हिमाचल के मुख्यमंत्री हमीरपुर जिले से आते हैं। यहां पार्टी ने सभी 5 विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की है। इसी जिले से राजिंद्र राणा भी आते हैं जो सुजनापुर से विधायक हैं। राणा कैबिनेट में मंत्री पद पाने के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह और उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह दिल्ली में हैं। शिमला (ग्रामीण) विधानसभा सीट से विधायक विक्रमादित्य को लेकर भी अटकलें लगाई जा रही है कि वो नए कैबिनेट का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि कुछ लोग विक्रमादित्य के खिलाफ भी हैं क्योंकि वो विक्रमादित्य से सीनियर हैं।
इनके अलावा शिमला जिले से रोहिक ठाकुर और अनिरुद्ध सिंह भी कैबिनेट मंत्री पद के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिले की दो ट्राइबल सीटों से विधायक जगत सिंह नेगी और रवि ठाकुर भी इस लाइन में हैं लेकिन वरिष्ठता की वजह से जगत सिंह नेगी को कैबिनेट पद मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी माना है कि नेगी विधानसभा स्पीकर के पद पर भी कांग्रेस की पसंद बन सकते हैं क्योंकि साल 2012 से 2017 के दौरान वीरभ्रद सिंह की सरकार में वो डिप्टी स्पीकर रह चुके हैं। इनके अलावा हर्षवर्धन चौहान, सुंदर सिंह ठाकुर, कुलदीप पठानिया, धनी राम शांडिल और राजेश धरमानी का नाम भी संभावित कैबिनेट मंत्रियों की सूची में है।



