जानें कैसी है पोन्नियिन सेलवन पार्ट-1?

क्या है कहानी: कहानी मुख्य रूप से वंथियाथेवन (कार्थी) पर केंद्रित है, जिसे अदिथा करिकालन (विक्रम) ने पिता सुंदरा चोल (प्रकाश राज) और उसकी बहन कुंधवी (तृषा) को महत्वपूर्ण संदेश देने का काम सौंपा है। संदेश के अनुसार, रियासतों के राजाओं द्वारा साम्राज्य को नीचे लाने की योजनाएं बनाई जा रही हैं। यह पता लगाना कि बुरी योजनाएं क्या हैं और चोल साम्राज्य की महिमा को धूमिल करने के लिए सब कुछ कौन कर रहा है, यह पता लगाना वंथियाथेवन का कर्तव्य बन जाता है। कहानी आगे बढ़ती है और पता चलता है कि चोल वंश को नीचे लाने के प्रयासों के पीछे नंदिनी (ऐश्वर्या राय) मास्टरमाइंड है। लेकिन किस बात ने नंदिनी को बदला लेने वाली राजकुमारी में बदल दिया, यह एक रहस्य बना हुआ है।
क्या कुछ है खास और कहां खाई मात: पोन्नियिन सेलवन पार्ट-1 एक मैगनम ओपस फिल्म है और अगर आप बाहुबली जैसे एक्शन सोचकर फिल्म को देखने जाएंगे तो जरूर निराश होकर ही आएंगे। पीएस वन में अधिक ड्रामा देखने को मिलेगा, जो काफी हद तक आपको बांधे रखता है। हालांकि फिल्म में किरदारों को और अधिक गहराई देनी चाहिए थी, जो कम दिखती है। जैसे अरुलमोझी वर्मन (जयम रवि), जो चोल साम्राज्य का उत्तराधिकारी है। यह इतना शक्तिशाली चरित्र है लेकिन उसे बहुत ही सपाट दिखाया गया है। फिल्म का लेखन उम्दा है और पांच-भाग वाले उपन्यास से महत्वपूर्ण क्षणों को चुनना और उन्हें बड़े पर्दे के लिए बनाना वास्तव में काबिल- ए- तारीफ है। फिल्म के सभी किरदारों ने बेहतरीन एक्टिंग की है और एक बार फिर मणि रत्मन का जादू देखने को मिलता है। कहानी के प्रमुख पात्रों से जुड़े फिल्म के कुछ सबसे अहम सीन्स को बेहद संजीदगी से दिखाया गया है। उदाहरण के लिए, ऐश्वर्या राय (जो एक रहस्योद्घाटन है) से जुड़े हर दृश्य को इतनी अच्छी तरह से लिखा गया है कि यह एक स्थायी प्रभाव छोड़ता है। ऐश्वर्या के खाते में डायलॉग्स तो कम हैं, लेकिन आंखों और नाखूनों से उन्होंने काफी कुछ कह दिया है। कुछ बेहद जरूरी सीन्स फिल्म में काफी उभर कर आए हैं, और ठहराव दिखा है… जैसे ऐश्वर्या का किरदार काफी अच्छा लिखा है कि आखिरी तक एक इम्पैक्ट छूटता है। फिल्म का म्यूजिक ए आर रहमान ने दिया है, जो बढ़िया है।



