राजू श्रीवास्तव की छत्‍तीसगढ़ से जुड़ी यादें

रायपुर। प्रसिद्ध हास्य अभिनेता राजू श्रीवास्तव ने अपनी कलाकारी से देशभर के साथ राजधानीवासियों का भी दिल जीता था। जिन लोगों ने राजधानी में उनका कार्यक्रम और हास्य कथानकों की प्रस्तुति को देखा है, वे उन्हें कभी नहीं भूल पाएंगे। वे मेरे अच्छे मित्र थे और अक्सर उनसे बातें होती रहती थीं। 10 साल पहले हमने कायस्थ समाज के चित्रांशोत्सव कार्यक्रम में उन्हें आमंत्रित किया था। उन्होंने जिस भाव के साथ हास्य प्रसंगों को सुनाया था, उसे सुनकर हजारों लोग लोटपोट हो गए थे। नगर निगम के पूर्व सभापति एवं चित्रांशोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने यह संस्मरण सुनाया।

हास्य अभिनेता राजू श्रीवास्तव की यादों को नईदुनिया से साझा करते हुए बताया कि चित्रांशोत्सव का आयोजन पहले सादगी से किया जाता था। 2012 में हमारी समिति के निवेदन पर वे सुभाष स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। दो घंटे तक उन्होंने कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। आम आदमी के किस्सों से लेकर शोले की कहानी को अपने अंदाज में सुनाकर ऐसा समां बांधा कि हंसते-हंसते लोगों के पेट में बल पड़ गए थे। इसके बाद लखनऊ चुनाव के दौरान भी उनसे मुलाकात हुई और रायपुर के कार्यक्रमों की यादें हमने ताजा की।

रायपुर में राजू श्रीवास्तव ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा था कि देश में अच्छे कामेडियन है, लेकिन कामेडी ऐसी होनी चाहिए जिसका आनंद पूरे परिवार के साथ बैठकर लिया जा सके। कामेडी में अश्लीलता नहीं होनी चाहिए। हम बड़े-बड़े कलाकारों की नकल उतारते हैं, लेकिन वे कभी नाराज नहीं होते। उनकी नकल उतारकर ही हमारी रोजीरोटी चलती है। किसी की नकल उतारते में भी अक्ल जरूरी है। जिसकी नकल उतारें, उनकी भावनाओं पर चोट नहीं पहुंचनी चाहिए।

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