बढ़ने पर नसों में होता है तेज दर्द, नसें मजबूत करने के लिए जरूर खाएं ये 5 चीजें

शरीर में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल के कारण कई तरह की दिक्कत होने लगती है और इसके शुरुआती संकेत नसों में दर्द और सांस फूलने के साथ दिखाई देने लगते हैं। कोलेस्ट्रॉल का बढ़ा हुआ लेवल हार्ट अटैक के साथ-साथ स्ट्रोक के जोखिम को भी बढ़ा देता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक हर तीसरे हृदय रोगी में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या देखी गई है। ऐसे में यदि आपका भी कोलेस्ट्रॉल लेवल हमेशा बढ़ा हुआ रहता है और आपको इसके प्रति सतर्क रहना चाहिए।
जानें क्या होता है कोलेस्ट्रॉल
हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का गाढ़ा मोम जैसा पदार्थ होता है, जो रक्त में मौजूद रहता है। जब यह शरीर में धीरे-धीरे बढ़ने लगता है तो धमनियां ब्लॉक होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। नसों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रक्त धमनियों में ठीक से प्रवाहित नहीं हो पाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण
जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल एक निश्चित मात्रा से ज्यादा हो जाता है तो सांस फूलना, थकान महसूस होने, पैरों में लगातार दर्द बने रहना आदि लक्षण दिखाई देने लगता है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर नसों में ऐंठन की भी समस्या देखने को मिलती है। कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर पैरों में सुन्नपन और कमजोरी, बालों और तलवों का झड़ना, नाखूनों का पतला और धीरे-धीरे बढ़ना, पैरों और तलवों पर छाले जो ठीक नहीं होते, पैरों की त्वचा के रंग में बदलाव, पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
शरीर में नसों का महत्व
शरीर में यदि कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ा है तो नसों का सबसे ज्यादा क्षति पहुंचती है और ऐसे में ऐसी खाद्य सामग्री का सेवन ज्यादा करना चाहिए जो शरीर में नसों को मजबूत बनाएं। दरअसल नसें ही हमारे शरीर में खून को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती हैं। नसों में जरा सी भी गड़बड़ी होने पर व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ा है तो नसों की मजबूती के लिए खाएं ये चीजें
– हरी पत्तेदार सब्जियां अच्छी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं। पालक, मैथी जैसे सब्जियों में मैग्नीशियम, कॉपर, फोलेट और कैल्शियम की मात्रा अधिक होती है। कॉपर न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन के लिए आवश्यक है, जो रीढ़ की हड्डी और तंत्रिकाओं के कार्य को बनाए रखता है। वहीं मैग्नीशियम मांसपेशियों और तंत्रिकाओं को ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। शरीर की नसों में दर्द को भी कर करता है।
– मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, यह नसों को ताकत देता है। मछली के सेवन से जोड़ों में होने वाला दर्द कम होता और नसें मजबूत होती है। जोड़ों में दर्द होने पर ओमेगा-3 का सेवन बुजुर्गों को जरूर करना चाहिए।
– सूखे मेवों के सेवन से तंत्रिकाओं को ताकत मिलती है, इसलिए बादाम, काजू, अखरोट आदि का नियमित सेवन संतुलि मात्रा में जरूर करना चाहिए।
– ब्लूबेरी, रसभरी, ब्लैक बैरी और स्ट्रॉबेरी जैसे फलों में तंत्रिकाओं फ्लेवोनोइड्स नामक यौगिक होते हैं, जो तंत्रिका तंत्र को मजबूत करते हैं। जामुन में बेहतरीन एंटीऑक्सीडेंट है, जो क्षतिग्रस्त नसों को तेजी से ठीक करता है।
– कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाने पर ओट्स का सेवन भी ज्यादा करना चाहिए। अपनी डाइट में डार्क चॉकलेट, ग्रीन टी, हल्दी का सेवन भी बढ़ाना देना चाहिए। ये सभी खाद्य सामग्री नसों को मजबूत करती है।



