इलाज कराना हुआ आसान, इरडा ने अस्पतालों को पैनलबद्ध करने की दी स्वतंतत्रता

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण ने साधारण बीमा कंपनियों को अपने मानकों के अनुरूप नेटवर्क प्रदाता या अस्पताल चुनने की अनुमति दे दी है. इरडा ने ‘कैशलेस’ सुविधा के लिए मानदंडों में ढील देने के उद्देश्य से यह निर्णय उठाया है. नियामक ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि नए मानदंडों को प्रभावी करने के लिए ‘स्वास्थ्य बीमा में मानकीकरण पर दिशानिर्देश’ को संशोधित किया गया है.
देश में ‘कैशलेस’ सुविधा का बढ़ेगा दायरा
नियामक ने बीमा कंपनियों और तीसरे पक्ष के प्रशासकों (टीपीए) को जारी पत्र में कहा, बीमाकर्ताओं को अब उन नेटवर्क प्रदाताओं को पैनल में शामिल करने का अधिकार है, जो उनके मानकों और मानदंडों के अनुरूप हैं. यह कदम देश में ‘कैशलेस’ सुविधा का दायरा बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है. इससे पहले, केवल बीमा सूचना ब्यूरो (आईआईबी) द्वारा प्रबंधित बीमा नेटवर्क के अस्पतालों की रजिस्ट्री (रोहिणी) में पंजीकृत नेटवर्क प्रदाता ही बीमाकर्ताओं द्वारा पैनलबद्ध किए जा सकते थे.
अब आसानी से हो सकेगी कैशलेस क्लेम
इरडा ने अपने सर्कुलर में कहा है कि बीमा कंपनियों को किसी भी अस्पताल को अपने पैनल में शामिल करने से पहले बुनियादी सुविधाओं पर विचार करना चाहिए. साथ ही बोर्ड द्वारा संसोधित अस्पताल के मानदंडों को अधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जानी चाहिए. इस फैसले पर यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेस के एमडी ने कहा कि इरडा ने अपने फैसले से बीमाकर्ताओं को कैशलेस सुविधाओं को मुहैया कराया है. साथ ही अस्पतालों में कैशलेस क्लेम का दायरा बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इस निर्णय से बीमाकर्ताओं पर वित्तीय बोझ को कम किया जा सकेगा.



