योगी सरकार को नोटिस जारी, सुप्रीम कोर्ट ने 3 दिन में मांगा जवाब

भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान को लेकर हुई उत्तर प्रदेश में भड़की हिंसा के बाद योगी सरकार की कार्रवाई को लेकर गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बोपन्ना और विक्रम नाथ की बेंच ने बुल्डोजर कार्रवाई पर सुनवाई की और योगी आदित्यनाथ सरकार को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस में योगी सरकार से पूछा है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत बुलडोजर कार्रवाई की गई है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को नोटिस जारी करते हुए साफ कहा है कि किसी भी तरह की तोड़फोड़ की कार्रवाई कानून की प्रक्रिया के हिसाब की जानी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट ने बुल्डोजर कार्रवाई पर कही ये बात

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य को सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। सूत्रों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी खबरें हैं कि ये ये जवाबी कार्रवाई हैं, ये सही या गलत हो सकती हैं, ऐसे में यदि बुल्डोजर से ऐसा विध्वंस किया जाता है तो कानून की प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि हम नोटिस जारी करेंगे, आप 3 दिन में इसका जवाब दाखिल करें। इस सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सीयू सिंह ने बहस शुरू की। वहीं जमीयत की ओर से वकील CU सिंह ने दलील पेश की। सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के जजों के सामने कहा कि उत्तर प्रदेश में विध्वंस की कार्यवाही चल रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को अपनी आपत्तियां दर्ज करने के लिए समय मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब किसी को शिकायत होती है तो उसे हल करने का अधिकार होता है। इस तरह के विध्वंस केवल अधिनियम के अनुसार हो सकते हैं। हम अगले हफ्ते मामले की सुनवाई करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने जमीयत-उलेमा-ए-हिंद द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई शुरू की, जिसमें उत्तर प्रदेश के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई कि राज्य में संपत्तियों के किसी भी विध्वंस के बाद उचित प्रक्रिया का पालन किया जाए।

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