जैविक खाद से मिला विकास का रास्ता

 रायपुर, जशपुर जिले के ग्राम बटईकेला के गौठान से जुड़े महिला स्व-सहायता समूह को जैविक खाद बेचने से 3 लाख 83 हजार रूपए की आमदनी हुई है। जैविक खाद अब उनके लिए विकास का रास्ता बन गया है। राज्य सरकार की मंशानुसार गौठान व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में स्थापित हो रहा है। इस गौठान में स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मुर्गी, बटेर, बकरी और सुअर पालन का कार्य भी सफल हुआ है। इस सफलता से उत्साहित होकर महिलाएं वहां अंडा उत्पादन के लिए भी नई यूनिट की तैयारी कर रही हैं।
 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज भेंट मुलाकात अभियान के तहत पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बटईकेला के किसानों और ग्रामीणजनों से मुलाकात की। बटईकेला की श्रीमती शकुंतला पैकरा ने बताया गौठान में खाद बनाने से उनके समूह को 3.83 लाख रूपये की आमदनी हुई है। प्रॉफिट मिलने से समूह के सदस्य खुश हैं। उन्होंने अब तक 407 क्विंटल जैविक खाद तैयार किया है, जिसमें से वे 392 क्विंटल खाद बेच चुके हैं। उनके समूह में 12 सदस्य हैं। खाद बनाने से हुई आमदनी में से  2 लाख रूपए आपस में बांट चुके हैं। पैसे मिलने से उनके समूह के सदस्यों में खुशहाली का माहौल है। श्रीमती पैकरा ने बताया कि खाद बनाने के साथ-साथ मुर्गी, बटेर, बकरी और सूअर पालन का भी काम कर रहे हैं। बटेर पालन से उन्हें 20,000 रूपये की आमदनी हुई है। आमदनी बढ़ने से उनके समूह में उत्साह बढ़ा है। वे अंडा उत्पादन के लिए भी नए यूनिट की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने गोधन न्याय योजना के लिए राज्य सरकार  के प्रति आभार व्यक्त किया है।

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