छत्तीसगढ़ में सियासत ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर, मुख्यमंत्री भूपेश पर BJP नेताओं का हमला, कहा- कांग्रेस सच से डरती है

छत्तीसगढ़ में ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह, भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय सहित भाजपा नेताओं ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को टैक्स फ्री करने की मांग की है। भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया में सीएम भूपेश बघेल पर निशाना साधा है। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश में फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया गया है और पुलिस कर्मियों को फिल्म देखने छुट्टी देने की घोषणा भी की गई है। भाजपा ने छत्तीसगढ़ में फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग की है।
पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि आज अगर छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार होती तो आपको कश्मीरी पंडितों के साथ हुए अन्याय को देखने, समझने से रोका न जाता। ‘द कश्मीर फाइल्स’ अब तक टैक्स फ्री हो गई होती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सच से डरती है। एक फ़िल्म से डरी हुई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर कहा कि कश्मीरी हिंदूओं के साथ हुए दमन की दांस्ता बयां करती फिल्म द कश्मीर फाइल्स को अन्य राज्यों की तरह टैक्स फ्री करने से भूपेश बघेल जी को कौन-सी ताकतें रोक रही हैं? अगर कोई जिहाद का महिमामंडन करती फिल्म होती तो शायद भूपेश जी रुचि लेते। भाजपा नेता फिल्म को देखने से रोकने के लिए सरकार द्वारा षड़यंत्र करने का आरोप लगा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के लोग यथार्थ को जान सके
छत्तीसगढ़ के नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि इसे राजनीतिक चश्मे से नहीं बल्कि जनहित में देखना चाहिए। इस फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग करते हैं। छत्तीसगढ़ के नागरिक यथार्थ को जान सके। कल विधानसभा के अंदर यह बात आई थी। उन्होंने कहा कि फिल्म को कम से कम लोग देखे इसलिए सरकार षड़यंत्र कर रही है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म को टैक्स फ्री किया जाना चाहिए। यह फिल्म देखने के लिए लोगों में रुचि भी है। जनहित में देखते हुए राज्य सरकार को टैक्स फ्री करना चाहिए, जिससे की सिनेमा के माध्यम से सत्य का पता चल सके।
कार्यकर्ताओं के साथ फिल्म देखने जाएंगे
भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि कश्मीर का विभाजन कांग्रेस के कारण हुआ है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ को छत्तीसगढ़ में नहीं दिखाने थियेटर मालिकों को डाराया जा रहा है। कश्मीरी पंडितों के साथ हुई घटना, धारा 370 को दिखाया गया है। JNU के देश विरोधी वातावरण बनाने को दिखाया गया है। बृजमोहन ने कहा कि सभी लोग देश के सच को जानें। कश्मीरी पंडितों का दर्द सब लोग देखें। हम कार्यकर्ताओं संग फिल्म देखने जाएंगे। उन्होंने देश के अन्य राज्यों में टैक्स माफ किया गया है तो छत्तीसगढ़ में फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग प्रदेश सरकार से की है।
फिल्म को लेकर प्रदेश में सियासत तेज
बता दें कि, राज्य में फिल्म को लेकर सियासत तेज हो गई है। भाजपा-कांग्रेस के नेता एक-दूसरे को आड़े हाथों ले रहे हैं। एक दिन पहले भाजपा नेता रायपुर के पीवीआर कर्मचारियों से अचानक भिड़ गये थे। भाजपाइयों का आरोप था कि मल्टीप्लेक्स के बाहर हाउसफुल का बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन थियेटर के अंदर ज्यादातर सीटें खाली थीं। बाहर खड़े कई लोगों को टिकट नहीं दिया जा रहा है। भाजपा नेता अमरजीत छाबड़ा के साथ मल्टीप्लेक्स कर्मचारियों के बहस की कुछ तस्वीरें भी सामने आई थी। वहीं छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में ‘द कश्मीर फाइल्स’ पर किसी तरह का प्रतिबंध नहीं है। न ही सरकार की तरफ से इसे दिखाने पर कोई रोक लगाई गई है।



