तो ..अपसंस्कृतियों के सारे बैक्टीरिया जल-भून जाएंगे

आपका-नवीन श्रीवास्तव,पत्रकार,लेखक..जगदलपुर बस्तर/स्वामी विवेकानंद जी पर विशेष…

याद रखें विपदा कितनी भी बड़ी हो देश की प्रचंड शक्तियां हमारे साथ होती है और ऐसे में स्वामी विवेकानंद जैसे महान प्रचंड शक्तिपुंज प्रासंगिक होते हैं आज भी हैं कल भी रहेंगे…
अगर ईमानदारी से स्वामी विवेकानंद जैसे व्यकितत्व को हम स्वीकार करते है,उन्हें सबक के पाठशाला में शामिल करते है तो आज भी वे प्रासंगिक हो जीवंत हमारे बीच है ..उनके आदर्श, दर्शन और शब्दों की अमरता आज भी प्रचंड शक्ति से लैस है इसे अगर नई पीढ़ी आत्मसात कर सके तो उन्हें महसूस होगा कि धमनियों में बहता लहू गर्म हो रहा है . अपसंस्कृति के सारे बैक्टीरिया जलभुन खाक हो रहे हैं .. जिस्म में देश और दूसरों के लिये कुछ कर गुजरने का हौसला इस तरह जागेगा की हर मुश्किलें आसान हो जाएगी ..फिर तो तय है कि वे खुद ही खड़े हो जाएंगे विश्वास नहीं तो देखना उनके ..चेहरे पर बाजारू नही अंदर से फुट रही तेज होगा.. उनके होठों में बुदबुदाहट होगी –चरैवेति. चरैवेति..प्रच ला म निरन्तर म..__ धरती पर पराक्रम के साथ उदारता सदैव कायम रहें समाज,देश के लिए कुछ करने के लिए जुटे रहो क्या मिलता है..क्या खोता है कौन साथ देता है नहीं देता यह कोई मायने नहीं रखता.. इसकी फिक्र बिलकुल भी मत करो… आओ निःशर्त राष्ट्र निर्माण में लगते हैं देश के लिए कुछ करते हैं राष्ट्रीय युवा दिवस पर अशेष मंगल कामनाओं के साथ …नवीन श्रीवास्तव, पत्रकार, लेखक



