पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह व उनकी पत्नी की निरस्त हुई FIR, हाईकोर्ट ने कहा- नहीं बनता आय से अधिक संपत्ति का मामला

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सोमवार को पूर्व प्रमुख सचिव अमन सिंह और उनकी पत्नी यास्मिन सिंह के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को रद्द करने का फैसला सुनाया है। सुनवाई के दौरान दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण की धारा के तहत अपराध परीलक्षित होना नहीं पाया गया, जिसके बाद फैसला आया है। कोर्ट ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) व इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) की ओर से दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है।
पिछली सुनवाई में सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अमृतो दास और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दयन कृष्णन ने पक्ष रखा था, जिसके बाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इसके पहले मामले की सुनवाई 5 अक्टूबर 2021 को हुई थी। जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने एसीबी की ओर से राज्य शासन के जवाब के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ईओडब्ल्यू का मेनुअल (जिसमें आय-व्यय का विवरण रहता है) की जानकारी मांगी थी। राज्य शासन ने याचिकाकर्ता के आय-व्यय का ब्यौरा सहित अन्य दस्तावेज हाईकोर्ट को सौंप दिया था। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

एसीबी ने खातों को सील कर दिया था
रायपुर निवासी उचित शर्मा ने अमन सिंह और यास्मिन सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाते हुए एसीबी व ईओडब्ल्यू में शिकायत की थी। शिकायत पर एसीबी ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। इस दौरान उनकी पत्नी यास्मिन सिंह के बैंक अकाउंट सहित अन्य खातों को सील कर दिया गया था। इस कार्रवाई के खिलाफ अमन सिंह और यास्मिन सिंह ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं प्रस्तुत की थी। प्रारंभिक सुनवाई में ही हाई कोर्ट ने एसीबी व ईओडब्ल्यू की जांच पर रोक लगा दी थी।

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