दंतेवाड़ा के कमालूर-भांसी के बीच मालगाड़ी के 18 डिब्बे उतरे पटरी से, विशाखापट्टनम लौह अयस्क लेकर जा रही थी ट्रेन

छत्तीसगढ़ के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र दंतेवाड़ा जिले में किरंदुल-कोत्तावालसा रेललाइन में मालगाड़ी के 18 डिब्बे पटरी से उतर गए। किरंदुल से लौह अयस्क लेकर विशाखापटनम जा रही मालगाड़ी डिरेल हुई है। कुछ डिब्बे आपस में टकराकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रेल डिरेल की यह घटना भांसी थाना क्षेत्र में हुई है। हादसे के बाद डीआरजी और आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंच गए हैं। रेलवे के कर्मचारी मार्ग बहाल करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। सिंगल रेल लाइन होने की वजह से दुर्घटना के बाद एक पैसेंजर ट्रेन और दर्जनभर मालगाड़ी प्रभावित हुई है।

मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह लौह अयस्क भरकर विशाखापट्टनम जा रही मालगाड़ी सुबह करीब चार बजे दंतेवाड़ा से 24 किलोमीटर दूर कमालूर-भांसी स्टेशन के बीच डिरेल हुई है। लौह अयस्क भरे 18 वैगन पटरी से उतर कर आपस में एक-दूसरे पर चढ़ गए। इस दुर्घटना के बाद मौके पर पहुंची पहुंची फ़ोर्स को नक्सली पर्चा नहीं मिला है। रेलवे के अफसर इस दुर्घटना को तकनीकी गड़बड़ी बता रहे हैं। रेल लाइन मरम्मत व सुरक्षा के लिए डीआरजी व जिला बल के जवान मौके पर भेजे गए हैं।

फोर्स के जवानों को मौके पर भेजा, नक्सली घटना नहीं
दंतेवाड़ा के एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि रेल डिरेल की सूचना मिली थी। नक्सली वारदात की सूचना नहीं है और पर्चा भी नहीं मिला है। फिर भी फोर्स सभी एंगल पर जांच कर रही है। रेल दुर्घटना की खबर के बाद भांसी थाने की पुलिस टीम को भी भेजा गया है। उल्लेखनीय है कि यह इलाका नक्सल प्रभावित है। इससे पहले 27 नवंबर को इसी क्षेत्र में नक्सलियों ने पटरी उखाड़कर मालगाड़ी गिराई थी। उस समय सुधार कार्य में 40 घंटे लगे थे।

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