जेसीसीजे और BJP की दोस्ती बढ़ी, क्या बढ़ेगी मुश्किल कांग्रेस की?

By एजेंसी

रायपुर. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में इन दिनों नगरीय निकाय चुनाव (Chhattisgarh Urban Body Election 2021) का शोर सुनाई दे रहा है. इस शोर के बीच बीजेपी और जेसीसीजे के भाईचारे की चर्चा फिर एक बार हो रही है. खासकर रायपुर जिले के बीरगांव नगर निगम में जेसीसीजे का बड़ा दखल देखने को मिल रहा है, इसलिए यहां त्रिकोणीय संघर्ष की बात कही जा रही है. हालांकि बीजेपी की तरफ से ये कहा जा रहा है कि जेसीसीजे के बीरगांव चुनाव में पहली बार उतरने का फायदा बीजेपी को ही मिलेगा. बीजेपी के पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल का कहना है कि जोगी कांग्रेस बीजेपी के भाई हैं और जीत की राह आसान करेंगे.

वहीं जोगी कांग्रेस भी बीजेपी के पूर्व विधायक देवजी भाई पटेल के इस दावे को सिरे से खारिज नहीं कर पाई, क्योंकि मरवाही उपचुनाव के दौरान भी अमित जोगी ने बीजेपी का समर्थन किया था. ऐसे में बीरगांव से जेसीसीजे के महापौर प्रत्याशी एवज देवांगन का कहना है कि भाईचार और हम काम करेंगे तो भाईचारा बना रहेगा.

कांग्रेस ने किया जीत का दावा

इधर, कांग्रेस का यह कहना है कि पहले भी जोगी कांग्रेस बीजेपी को बहुमत दिलाने के लिए ही काम कर रही थी, लेकिन इसका 2018 के विधानसभा और मरवाही उपचुनाव में नतीजा सिफर रहा. कांग्रेस नेता पंकज शर्मा और संचार विभाग प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि इनकी मित्रता के किस्से पहले भी चलते रहे हैं और इसी कारण जोगी कांग्रेस गर्त में गई है. बीरगांव में भी जीत कांग्रेस की ही होगी.

2018 विधानसभा चुनाव के नतीजों में कांग्रेस बड़े बहुमत के साथ सत्ता में आई और बीजेपी और जेसीसीजे की सारी रणनीति धरी की धरी रह गई. इसके बाद बीजेपी और जेसीसीजे का गठबंधन मरवाही उपचुनाव में काम नहीं कर पाया. ऐसे में बीरगांव निकाय में इनका भाईचारा कोई चमत्कार काम करेगा, इस पर नतीजों के बाद ही कुछ कहा जा सकता है.

Total Views: 1386 ,

Related posts

Leave a Comment