क्या पिता को जेल भेज भूपेश बघेल अपने संकट टाल पाए..?

क्या अपने पिता को जेल भेजकर छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल (Chhattisgarh CM Bhupesh Baghel Master Stroke) ने मास्टरस्ट्रोक खेला है? क्या छत्तीसगढ़ सीएम ने उन्हें जेल भेजकर अपना सियासी संकट कम किया है? क्या यह महज पारिवारिक मामला था या इसके व्यापक सियासी मायने हैं? ये तमाम सवाल तब उठे जब भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel Update News) ने खुद से पहल करते हुए अपने ही 86 वर्षीय पिता नंद कुमार बघेल को जेल भिजवाया। हांलाकि, जेल जाने के दो दिन बाद ही उन्हें जमानत मिल गई और वह बाहर आ गए लेकिन सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है।दरअसल, नंद कुमार बघेल ने लखनऊ में ब्राह्मणों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी और उन्हें विदेशी बताया था। इसके बाद जब शिकायतें आईं तो खुद सीएम बघेल ने अपने पिता के खिलाफ केस करने को कहा। माना गया कि भूपेश बघेल ने पिता पर कार्रवाई कर एक तीर से कई निशाने लगाए। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई, जब छत्तीसगढ़ में बघेल की कुर्सी खतरे में बताई गई।पहला, ओबीसी नेता के रूप में वह स्थापित हुए जिसे हटाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं था। वहीं, एंटी इनकंबेंसी का अपने खिलाफ लग रहे आरोप को भी उन्होंने पिता को जेल भेजकर सियासी संदेश दे दिया कि वह कानून पालन के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। जानकारों के अनुसार, समय पर खेला गया यह डैमेज कंट्रोल दांव भी था, जिसे बघेल ने बहुत चतुराई से खएला है। लेकिन क्या इससे संकट पूरी तरह से टल जाएगा?इतना आसान नहीं यहदरअसल, यह इतना आसान नहीं होगा। भले तमाम कोशिशों से बघेल का सियासी संकट कुछ दिनों के लिए जरूर कम होता दिख रहा है लेकिन यह महज कुछ वक्त तक टिकेगा। इससे वह बड़ी तस्वीर को लंबे समय तक नहीं बदल सकते हैं जिससे उनकी चुनौती बनी रहेगी।पिता से पुराना है विवादभूपेश बघेल के अपने पिता के साथ विवाद और मतभेद कोई नए नहीं हैं। खुद बघेल सार्वजनिक मंच से अपने पिता के साथ मतभेद की बात स्वीकार कर चुके हैं। उनके पिता नंद कुमार बघेल पिछले कई सालों से सामाजिक जीवन में सक्रिय हैं और राज्य में मतदाता जागृति मंच नाम से एक संस्था भी चलाते हैं। कांग्रेस विरोधी राजनीति करने वाले नंदकिशोर बघेल पूर्व में कई बार पार्टी नेताओं के विरोध में चुनाव प्रचार भी कर चुके हैं। 2018 विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ प्रचार किया था। वहीं, भूपेश बघेल ने कई मौकों पर खुद को अपने पिता से अलग कहा। वह बयान दे चुके हैं कि उनके पिता के बयान या काम को उनसे नहीं जोड़ा जाए। अपने पिता के साथ मतभेद के कारण वे बचपन में ही घर छोड़कर रायपुर चले गए थे।

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