डॉ. हर्षवर्धन बाबा रामदेव पर भड़के , कहा- वापस लें कोरोना योद्धाओं के ‘निरादर’ वाला बयान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हषवर्धन ने रविवार को एक पत्र लिखकर योग गुरु रामदेव से कोरोना योद्धाओं के खिलाफ की गई ‘आपत्तिजनक टिप्पणी’ को वापस लेने को कहा है। केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि योग गुरु रामदेव के वक्तव्य ने कोरोना योद्धाओं का निरादर कर, देशभर की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। मैंने उन्हें पत्र लिखकर अपना आपत्तिजनक वक्तव्य वापस लेने को कहा है।

उन्होंने लिखा कि एलोपैथिक दवाओं और डॉक्टरों पर की गई आपकी टिप्पणी से देशवासी बेहद आहत हैं। लोगों की इस भावना से मैं आपको फोन पर पहले भी अवगत करा चुका हूं। संपूर्ण देशवासियों के लिए कोरोना के खिलाफ दिन-रात युद्धरत डॉक्टर व अन्य स्वास्थ्यकर्मी देवतुल्य हैं। आपने अपने बयान से न केवल कोरोना योद्धाओं को निरादर किया, बल्कि देशवासियों की भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचाई है। शनिवार को जो आपने स्पष्टीकरण जारी किया था, वह लोगों की चोटिल भावनाओं पर मरहम लगाने में नाकाफी है।

जानें क्या है मामला
बता दें कि योग गुरु बाबा रामदेव की दो मिनट 19 सेकेंड का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें बाबा रामदेव साधकों के सामने अपने फोन पर मैसेज पढ़ते हुए दिख रहे हैं। जिसमें उनकी ओर से एलोपैथिक दवाओं पर कई गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि एलोपैथिक की सभी दवाइयां फेल हो गई हैं। बुखार की तक दवा काम नहीं कर रही है। दवा शरीर का तापमान तो नीचे उतार देती है, लेकिन बुखार क्यों आ रहा है, उसका निवारण नहीं है। वीडियो में बाबा रामदेव कह रहे हैं कि लाखों कोरोना मरीजों की मौत एलोपैथी दवा खाने से हुई है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भेजा कानूनी नोटिस
वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने कड़ी आपत्ति जताई है। आईएमए ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन से रामदेव के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आईएमए ने रामदेव के बयान पर उन्हें कानूनी नोटिस भेजा है। वहीं रामदेव के बयान के बाद विवाद खड़ा होने पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव सिर्फ एक व्हाट्सएप मैसेज पढ़ रहे थे। मॉर्डन साइंस और अच्छे डॉक्टरों के खिलाफ उनकी गलत मंशा नहीं थी। बाबा रामदेव मॉर्डन साइंस एक प्रोग्रेसिव साइंस पर विश्वास करते हैं। 

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