ग्रामीण झिरिया का पानी पीने के लिए आज भी …अभिशप्त हैं

- मूल सर्व आदिवासी समाज के जिला प्रवक्ता ने कहा- जनता के लिए काम करना है तो नियत होना चाहिए.
दंतेवाड़ा: जिला विकासखंड के ग्राम पंचायत पोंदुम और पोंदुम 2 मे, अलाईकोंटा पारा केऔर बुर्का पारा के ग्रामीण नदी के चूआं याने झिरिया का पानी पीने के लिए आज भी अभिशप्त हैं।
इनकी समस्याओं को देख मूल सर्व बस्तरिया समाज के जिला प्रवक्ता संजय पंत ने कहा है जनता के लिए काम करना है तो इच्छा शक्ति की और सही नियत की जरूरत होती है, हमारे लोकल जनप्रतिनिधि और नेता मंत्रियों के पास इच्छा शक्ति है,ना,18,मूल सर्व बस्तरिया समाज को आगे बढ़ाने के लिए सही नियत है, मूल बस्तर वासियों का विकास चाहते तो,सही नियत और इच्छा शक्ति दिखाएं होते तो शायद, आज दंतेवाड़ा जिला के ग्राम पंचायतों में निवासरत ग्राम वासियों को नदी के चूआं याने झिरिया का पानी पीने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता, देश आजाद होकर, 60 से 70 साल हो गए जनता को पीने का साफ पानी आज पर्यंत तक राजनीति पार्टी के नेता मंत्री मुहैया नहीं करवा पाए हैं, और छत्तीसगढ़ में बीजेपी पार्टी का,15,सरकार रही है, बीजेपी सरकार भी जनता को पीने का साफ पानी मुहैया नहीं करा पाई, ना सही स्वास्थ्य दे पाई ना अच्छा शिक्षा दे पाईं, ना अंदर अंदर गांव में बिजली दे पाई, ना बेरोजगार लोगों को रोजगार दे पाई, बीजेपी के रहा कदम पर, वर्तमान छत्तीसगढ़ के कांग्रेस सरकार भी, चलते हुए नजर आ रही है, क्योंकि कांग्रेस पार्टी का छत्तीसगढ़ के सत्ता में हासिन होकर 2:00 से ढाई साल हो गए विकास की राह पर चलते नजर नहीं आ रहा है, अभी बचा ही कितना साल है जो लोगों के लिए विकास कर पाएगी, अस्पतालों में पेशेंटो का सही इलाज नहीं हो पा रहा है, गोली दवाइयां नहीं मिल रहे हैं, मेडिकलों में से पेसेंटो को दवाइयां खरीदने पढ़ रहे हैं, सही शिक्षा नहीं मिल पा रहा है पढ़े लिखे बेरोजगारों को रोजगार नहीं दे पा रही है वर्तमान सरकार,ना ग्रामीणों को पीने का साफ पानी मुहैया करा पा रही है, चुनाव के समय बड़े बड़े वादे करते हैं, सत्ता में आते ही बड़े-बड़े वादे को और जनता को भूल जाते हैं, यही राजनीतिक पार्टियों के नेता लोगों का दोगली नीति है, इसलिए मूल बस्तरिया समाज आगे नहीं बढ़ पा रहा है.



