रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, आपका रक्त बचा सकता है किसी की जिंदगी

रायपुर। ऐच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल एवं उर्मिला फाउंडेशन की ओर से 2 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से शाम 3 बजे तक रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने में सहयोग करना है। उर्मिला फाउंडेशन की डायरेक्टर नम्रता सिंह ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील करते हुए कहा कि “आपका रक्त किसी के जीवन को बचा सकता है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है।” उन्होंने कहा कि रक्त की आवश्यकता किसी भी व्यक्ति को कभी भी पड़ सकती है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, ऑपरेशन, प्रसव सहित अनेक परिस्थितियों में समय पर रक्त मिलना मरीज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में स्वस्थ और सक्षम लोगों को आगे आकर स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्तदान केवल किसी जरूरतमंद की मदद करना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि अधिक संख्या में लोग नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करें तो जरूरत के समय रक्त की कमी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। वहीं उर्मिला हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह ने रक्तदान को लेकर लोगों में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि कुछ लोगों को यह भ्रम रहता है कि रक्तदान करने से शरीर में कमजोरी आ जाती है। यह धारणा पूरी तरह निराधार है। स्वस्थ व्यक्ति द्वारा निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुसार रक्तदान करने से सामान्यतः शरीर पर कोई स्थायी कमजोरी नहीं आती। शरीर रक्त की कमी को धीरे-धीरे पूरा करता है और रक्त निर्माण की प्राकृतिक प्रक्रिया लगातार चलती रहती है।



