इंटर्न डॉक्टरों की न्यायोचित मांगों के समर्थन में बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा का ऐलान — आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे : नवनीत चाँद

जगदलपुर, बस्तर |
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने आज शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (बलिराम कश्यप मेडिकल कॉलेज), जगदलपुर पहुँचकर आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की तथा उनकी मांगों, समस्याओं और आंदोलन के कारणों पर विस्तृत चर्चा की।
इस अवसर पर नवनीत चाँद ने कहा कि इंटर्न डॉक्टर केवल प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थी नहीं, बल्कि प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मी हैं। वे ओपीडी, आपातकालीन सेवाओं, वार्ड प्रबंधन, प्रसूति सेवाओं तथा रात्रिकालीन ड्यूटी जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाकर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाए रखते हैं। इसलिए उनकी मांगों को केवल स्टाइपेंड वृद्धि तक सीमित नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह विषय स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता, युवा चिकित्सकों के सम्मान और जनहित से सीधे जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 समानता के अधिकार, अनुच्छेद 21 गरिमापूर्ण जीवन के अधिकार तथा अनुच्छेद 47 के तहत जनस्वास्थ्य को बढ़ावा देने के राज्य के दायित्व की भावना के अनुरूप सरकार को इंटर्न डॉक्टरों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मानकों एवं देश के अन्य राज्यों में लागू स्टाइपेंड व्यवस्था का तुलनात्मक अध्ययन कर छत्तीसगढ़ के लिए भी एक न्यायसंगत, वैज्ञानिक और समयबद्ध नीति बनाई जानी चाहिए।
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा ने राज्य सरकार से मांग की है कि चिकित्सा शिक्षा विभाग, वित्त विभाग, मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं इंटर्न डॉक्टरों के प्रतिनिधियों की संयुक्त उच्चस्तरीय समिति गठित कर निर्धारित समय-सीमा में समाधान प्रस्तुत किया जाए। समिति अन्य राज्यों की स्टाइपेंड व्यवस्था, महंगाई, कार्य-घंटों, प्रशिक्षण की प्रकृति तथा जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन कर अपनी अनुशंसा प्रस्तुत करे।
नवनीत चाँद ने कहा कि बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा आंदोलनरत इंटर्न डॉक्टरों की जनहित से जुड़ी न्यायोचित मांगों का पूर्ण समर्थन करता है तथा आवश्यकता पड़ने पर उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष करेगा। हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि संवाद, संवैधानिक प्रक्रिया और सकारात्मक समाधान के माध्यम से डॉक्टरों का सम्मान तथा प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाना है।
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा की प्रमुख मांगें
इंटर्न स्टाइपेंड की तत्काल वैज्ञानिक एवं वित्तीय समीक्षा।
अन्य राज्यों के स्टाइपेंड का आधिकारिक तुलनात्मक अध्ययन सार्वजनिक किया जाए।
स्टाइपेंड पुनरीक्षण हेतु समयबद्ध नीति बनाई जाए।
कार्य-घंटों का मानकीकरण एवं सुरक्षित कार्य-परिस्थितियाँ सुनिश्चित की जाएँ।
हॉस्टल, सुरक्षा, बीमा एवं समय पर स्टाइपेंड भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इंटर्न प्रतिनिधियों के साथ संस्थागत संवाद की स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। इस दौरान बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ जे के ग्रामीण जिला अध्यक्ष संतु कश्यप, जगदलपुर नगर मंडल कार्यकारी अध्यक्ष अलका नादान, नगर मंडल महामंत्री किरण नाग, पदमा नाग, संतरा आदि पदाधिकारी एवं आंदोलनकारी इंटर्नशिप डॉक्टर का प्रतिनिधि मंडल उपस्थित था



