परिजनों के साथ सरपंच भरत ने मनाई नया खाई पर्व, पूजा अर्चना के साथ बड़ों के लिए आशीर्वाद

*कहा-यह पर्व आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और पुरखों से जुड़े रिश्ते को जीवंत रखता है*
जगदलपुर/लोहंडीगुडा:-नया खाई तिहार केवल नया अन्न ग्रहण करने का पर्व नहीं,बल्कि हमारी आदिवासी संस्कृति, परंपरा, प्रकृति और पुरखों से जुड़े रिश्ते को जीवंत रखने का पावन अवसर है। आज उक्त पर्व को लेकर लोहंडीगुड़ा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत गढ़िया सरपंच भरत कश्यप द्वारा परिवार के साथ घर के देव-धामी का विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई इस दौरान खेतों से आए नए धान,नए चावल और चिवड़ा को सबसे पहले अपने देवी-देवताओं एवं पुरखों को अर्पित किया गया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया गया। तत्पश्चात कश्यप परिवार ने विधिविधान के साथ एक-दूसरे को टीका लगाकर, माता-पिता एवं उपस्थित बड़ों चरण स्पर्श उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर सरपंच भरत ने कहा कि -हमारी परंपराएं हमें सिखाती हैं कि हमारी असली पहचान हमारी माटी, जंगल, जल, जमीन, प्रकृति और पुरखों की विरासत में बसती है।
विदित हो कि नई फसल का पहला अन्न अपने देव-धामी और पुरखों को समर्पित करना हमारी उस गहरी आस्था का प्रतीक है, जिसमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पूर्वजों के प्रति सम्मान जुड़ा हुआ है। इस पर्व की सरपंच कश्यप ने सभी को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। इस दौरान लक्ष्मण कश्यप,सुखचंद कश्यप,लालमन कश्यप, सुखदेव,लच्छीन,अनती,लछनी, मालती, चंद्रभान,हरचंद,कमल सहित अन्य उपस्थित थे।।



