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पैतृक जमीन को लेकर अन्याय की शिकार आदिवासी महिला की पदयात्रा को मिला भीम आर्मी का मजबूत साथ 

 

बस्तर वासी पीड़ित महिला की पैतृक जमीन को नजूल घोषित किया,लोगों ने किया कब्जे, भीम आर्मी ने कहा वह आदिवासी पीड़ित महिला के साथ है

 

जगदलपुर । गत दिवस दशकों से अपनी 100 एकड़ से अधिक पैतृक जमीन के अधिकार को लेकर लगातार गुहार लगाने के बाद भी न्याय नहीं मिलने पर बस्तर से राजधानी रायपुर के लिए पदयात्रा पर निकली मंदिर पुजारिन आदिवासी महिला लखमनी बघेल को भीम आर्मी भारत एकता मिशन का मजबूत साथ मिला है । “न्याय दो या प्राण लो”नारे के साथ पीड़िता के साथ पदयात्रा में शामिल भीम आर्मी का कहना है कि भीम आर्मी पूरी तरह से अन्याय और अव्यवस्था से पीड़ित के साथ है । कड़कड़ाती धूप और बदलते मौसम के तेवर के बीच राजधानी की ओर बढ़ रहे पदयात्रा में लगातार आर्मी के क्षेत्रीय पदाधिकारी अपनी उपस्थिति और भूमिका निभा रहे हैं।

 

आदिवासी पीड़िता के साथ खड़े भीम आर्मी का कहना है कि यह एक आदिवासी महिला के हक की बात है भीम आर्मी मामले की सुनवाई तक पूरी तरह अन्याय की शिकार और न्याय की तलाश में दर-दर भटक रही पीड़िता के साथ है । पदयात्रा में भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश आजाद प्रदेश, उपाध्यक्ष सोयल नाग, जगदलपुर से जिला अध्यक्ष आशीष कच्छ,उपाध्यक्ष रवि चरण, कोंडागांव जिला अध्यक्ष हेम सिंह एवं अन्य आर्मी नेता शामिल रहे। बढ़ते पदयात्रा के अलग-अलग जगह से आर्मी नेता लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं।

 

उक्त विषय में आर्मी नेताओं का कहना है कि जानकारी के अनुसार मामला पैतृक जमीन है जिसमें से आधे से अधिक को नजूल घोषित कर दिया गया है जहां लोगों ने पीड़िता के पैतृक जमीन पर कब्जा कर लियाहै। पदयात्रा में शामिल जगदलपुर से जिला अध्यक्ष आशीष कच्छ ने उक्त जानकारी देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि सरकार पीड़िता के साथ अन्याय नहीं होने देगी, और संवेदनशीलता के साथ न्याय होगा।

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