बस्तर की खनिज संपदा की लूट पर अब निर्णायक लड़ाई — कल बस्तर संभाग आयुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन

अवैध लौह अयस्क तस्करी प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच, विशेष टास्क फोर्स गठन एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग करेगा मोर्चा
जगदलपुर, बस्तर।
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने कहा है कि हाल ही में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित बेलाडीला, मिरतुर, पंडेवार, गंगालूर, बचेली एवं किरंदुल क्षेत्र में अवैध लौह अयस्क उत्खनन, भंडारण एवं संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़े गंभीर खुलासों ने पूरे बस्तर संभाग को झकझोर दिया है।
यह मामला केवल अवैध खनिज परिवहन का नहीं, बल्कि बस्तर की प्राकृतिक संपदा की सुनियोजित लूट, करोड़ों के राजस्व नुकसान, विभागीय मिलीभगत और प्रशासनिक विफलता का गंभीर संकेत है।
नवनीत चाँद ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर प्रश्न है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर अवैध लौह अयस्क तस्करी हो रही थी, तो संबंधित वन, खनिज, राजस्व, पुलिस, परिवहन एवं रेलवे विभाग क्या कर रहे थे?
क्या यह पूरा नेटवर्क राजनीतिक संरक्षण के बिना संचालित हो सकता है?
क्या बस्तर की संपदा को कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में व्यवस्थित रूप से लूटा जा रहा है?
उन्होंने कहा कि यह प्रकरण भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21, 39(b), 48A एवं 51A(g) की भावना के प्रतिकूल है तथा MMDR Act, वन संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम एवं भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम जैसे गंभीर कानूनों के संभावित उल्लंघन का मामला है।
कल सौंपा जाएगा संभाग आयुक्त को ज्ञापन
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) की बस्तर जिला इकाई द्वारा कल बस्तर संभाग आयुक्त, जगदलपुर को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय संयुक्त जांच की मांग की जाएगी।
ज्ञापन में प्रमुख रूप से मांग की जाएगी कि —
🔴 विशेष संयुक्त SIT/टास्क फोर्स गठित की जाए
🔴 बेलाडीला–मिरतुर–पंडेवार क्षेत्र में विशेष छापामार अभियान चलाया जाए
🔴 सभी रेलवे रैक पॉइंट, वेब्रिज, ई-रवन्ना, ट्रांजिट पास एवं परिवहन रिकॉर्ड की फॉरेंसिक ऑडिट कराई जाए
🔴 दोषियों पर तत्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए
🔴 पिछले 5 वर्षों के लौह अयस्क परिवहन की विशेष जांच हो
🔴 संबंधित लापरवाह अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की जाए
जनहित में सीधा सवाल
बस्तर की जनता जानना चाहती है —
❓ आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध नेटवर्क संचालित हो रहा है?
❓ करोड़ों के राजस्व नुकसान की जवाबदेही कौन लेगा?
❓ प्रशासनिक चुप्पी के पीछे कौन-सी शक्तियाँ काम कर रही हैं?
आंदोलन की चेतावनी
नवनीत चाँद ने स्पष्ट कहा कि यदि 15 दिवस के भीतर ठोस एवं पारदर्शी कार्रवाई प्रारंभ नहीं की गई, तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बस्तर की जनता के साथ लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक जनआंदोलन छेड़ेगा।
बस्तर की खनिज संपदा किसी माफिया, दलाल या संरक्षण प्राप्त गिरोह की जागीर नहीं है।
बस्तर की संपदा पर पहला अधिकार बस्तर की जनता का है।



