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बस्तर की प्राकृतिक संपदा की पारदर्शी सुरक्षा, वैधानिक खनिज परिवहन एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्यवाही की मांग

 

जगदलपुर, बस्तर

बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन, खनिज विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस प्रशासन तथा रेलवे प्रशासन से बस्तर संभाग में खनिज संपदा के संरक्षण, वैधानिक परिवहन व्यवस्था की निगरानी तथा अवैध गतिविधियों पर कठोर एवं निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की है।

उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग प्राकृतिक संसाधनों, जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्र है। यह आवश्यक है कि इन संसाधनों का उपयोग संविधान, विधि और जनहित के अनुरूप हो। यदि कहीं भी अवैध लौह अयस्क परिवहन, रेत उत्खनन, ओवरलोडिंग, रॉयल्टी से अधिक परिवहन, बिना अनुमति खनन, दस्तावेजों में अनियमितता, वेब्रिज गड़बड़ी, अथवा निजी एवं सरकारी रेक पॉइंटों से संदिग्ध गतिविधियों जैसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।

नवनीत चाँद ने कहा कि संविधान के नीति निर्देशक तत्व, पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रावधान, पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) अधिनियम (PESA), वनाधिकार कानून, मोटरयान अधिनियम, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम (MMDR Act) तथा अन्य लागू कानूनों का पालन सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उन्होंने शासन एवं प्रशासन से निम्न मांगें रखीं :

बस्तर संभाग के सभी जिलों में खनिज परिवहन, रॉयल्टी अभिलेख, चालान, ई-वे बिल, वजन पर्ची, GPS रिकॉर्ड तथा परिवहन अनुमति की विशेष जांच कराई जाए।

सभी निजी एवं शासकीय रेक पॉइंट, रेलवे साइडिंग, वेब्रिज, स्टॉक यार्ड तथा लोडिंग-अनलोडिंग केंद्रों का नियमित ऑडिट कराया जाए।

ओवरलोडिंग, अवैध परिवहन, कर चोरी, राजस्व हानि अथवा दस्तावेजी अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार FIR, जब्ती, दंडात्मक कार्यवाही एवं लाइसेंस निरस्तीकरण किया जाए।

अवैध रेत उत्खनन, नदी तटों के क्षरण एवं पर्यावरणीय क्षति पर संयुक्त अभियान चलाया जाए।

अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामसभा की वैधानिक भूमिका तथा PESA कानून का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

विगत वर्षों के खनिज परिवहन, रॉयल्टी संग्रहण एवं राजस्व अभिलेखों को सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाए।

सड़कों, पुलों एवं सार्वजनिक अधोसंरचना को ओवरलोड वाहनों से हो रही क्षति की जवाबदेही तय की जाए।

उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति या संस्था विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही, पर्यावरण संरक्षण, आदिवासी अधिकारों की रक्षा तथा राज्य के राजस्व हित में उठाई गई लोकतांत्रिक मांग है।

नवनीत चाँद ने कहा कि यदि शिकायतों पर समयबद्ध और प्रभावी कार्यवाही नहीं होती है, तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बस्तर संभाग की जिला इकाइयाँ संविधान सम्मत एवं शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक माध्यमों से जनजागरण अभियान, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन एवं जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित करेंगी।

उन्होंने अंत में कहा कि बस्तर की संपदा का उपयोग स्थानीय जनता के हित, क्षेत्रीय विकास, पर्यावरण संतुलन और विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।

जारीकर्ता :

नवनीत चाँद

मुख्य संयोजक, बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा

बस्तर संभाग अध्यक्ष, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे)

साथ में :

जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बस्तर संभाग की समस्त जिला इकाइयाँ

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