बस्तर में धार्मिक पर्व ,राजनीतिक कार्यक्रम आयोजन पर कोरोना गाइडलाइंस की शर्तों के तहत मिले छूट-मुक्तिमोर्चा

BY-Naveen Shrivastava

शासकीय कार्यक्रम ,महोत्सव ,चुनाव मे कोरोना गाइडलाइंस विलुप्त, धार्मिक कार्यक्रमों,व्यपारिक कार्य में ही पाबन्दी क्यों ?-मुक्तिमोर्चा

बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के मुख्य सयोंजक नवनीत चाँद ने बयान जारी कर कहा कि ,कोरोना संक्रमण पूरे देश में जान माल की तबाही मचाई है। वही पूरे दुनिया के वैज्ञानिको ने कड़ी मेहनत कर संक्रमण का टीका खोज लिया है। जिसे देश के पूरे राज्य के साथ बस्तर के हर जिले में टीकाकरण तेजी से प्रारम्भ है। जिस में आवश्यक सेवा व बुजर्गो को यह टिका लग रहा है। इसे आधार बनाकर कर ही राज्य सरकार व केंद्र सरकार द्वारा विगत कई माह से लगातार शासकीय कार्यक्रम ,जन सभा ,महोत्सव का आयोजन किया जा रहा था। और फिर अचानक विगत वर्ष की तरह मार्च माह में कोरोना संक्रमण से ग्रसित होने के मामले बढ़ने की सूचना सरकार द्वारा दी जाने लगी गई, जिसे देखते हुए राज्य सरकार के आदेश के चलते जिला प्रशासन द्वारा बस्तर में 144 धारा लगा, सभी प्रकार के धार्मिक पर्व को सार्वजनिक रूप से बनाने ,धार्मिक ,राजनीतिक एवं अन्य सभी प्रकार के आयोजन में प्रतिबंध लगा दिया गया, वही किसी भी प्रकार की अनुमति नही दिये जाने का आदेश पारित किया गया है। इस आदेश को लेने से पहले सर्व समाज,व्यपारिक ,राजनीति ,बस्तर हितेषी संघटनो व विशेषज्ञों का पूर्व रॉय सुमारी नहीं किया जाना व सीधे बिना पूरी तैयारी के 144 धारा का सरकारी आदेश दे देना राज्य सरकार व प्रशानिक जल्दबाजी का परिचायक है। व बस्तर वाशियों के मौलिक अधिकारों का हनन है। इस आदेश से सभी समाज व वर्गों के मन आहत है। क्योंकि विगत वर्ष लोग भी लोग अपने अपने पर्व को कोरोना संक्रमण के चलते नहीं बना पाए। इस वर्ष भी सभी की आश थी। कि पूर्व वर्षों की तरह सभी शांति से अपने पर्व सार्वजनिक रूप से बना पाएंगे।परन्तु कोरोना संक्रमण बड़ते आकड़ो के चलते इन पर्वो को सार्वजनिक रूप से बनाने व अन्य सभी प्रकार के आयोजनों पर सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिसे लोग अन्याय पूण बताते हुए यह सवाल करते हुए पूछता है कि, सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के फैलाव के बीच सरकारी कार्यक्रम,महोत्सव, व जन सभा का आयोजन हो सकता है। तो धार्मिक पर्व को सार्वजनिक रूप से बनाने , व अन्य कार्यक्रमों को पूण सार्वजनिक रूप से करने हेतु प्रतिबन्ध किया जाना क्या? न्याय उचित कदम है। यह सवाल बस्तर की जनता की तरफ से सरकार से बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा पूछता है। वही बस्तर के जनप्रतिनिधियों इस संवेदनशील विषयो पर किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नही किया जाने का कृत्य बस्तर के लोगो के लिए चिंता का विषय है।मुक्तिमोर्चा राज्य सरकार ,जनप्रतिनिधियों व प्रशासन से अपील बस्तर वासियों की भावनाओ को ध्यान में रखते हुए करता है। कि आगामी दिनों में धारा 144 के दौरान, धार्मिक पर्व का सार्वजनिक रुप से बनाने व धार्मिक ,राजनीति व सामाजिक एवं अन्य आयोजन को परिस्थितियों के अनुरूप कोरोना गाइडलाइंस के पालनार्थ शर्तो के तहत दिए जाने का छूट प्रदाय करे।

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