छत्तीसगढ़ के कई जिलों में धारा 144 लागू, कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ने से हुए लॉकडाउन के हालात…!!

रायपुर, छत्तीसगढ़ में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण का असर अब दिखने लगा है ! अधिकांश जिलों में धारा 144 लागू कर दी गयी है। रायपुर के अलावे दुर्ग, बस्तर, जांजगीर, बालोद, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित कई जिलों में धारा 144 लागू कर दी गयी है। धारा 144 लागू होते ही उन जिलों में सार्वजनिक कार्यक्रमों और आयोजनों के साथ-साथ राजनीतिक गतिविधियों पर भी रोक लगा दी गयी है। साथ ही एक साथ 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गयी है। राज्य के गृह सचिव सुब्रत साहू ने कल ही इस बारे में सभी कलेक्टर और एसपी को पत्र लिखकर कोरोना के संदर्भ में विस्तृत निर्देश भेजा था। गृह सचिव के निर्देश के बाद जिलों से आज से प्रतिबंध, कोरोना गाईडलाईन और दिशा निर्देशों का जारी होना शुरू हो गया है।
छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ेते खतरे के बीच कलेक्टरों ने बेहद ही सख्त आदेश जारी किया है। जिसके तहत होली मिलन और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं होलिका दहन को भी कड़े शर्तों के साथ इजाजत दी गयी है। सभी पर्यटन केंद्र पर आमलोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं धार्मिक कार्यक्रम, त्योहार, राजनीतिक, सांस्कृतिक, खेलकूद, मेला और समारोह सहित तमाम कार्यक्रम पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोरोना के लक्षण वालों को क्वारंटीन रहना होगा और होम आईसोलेशन का कड़ाई से पालन करना होगा। सार्वजनिक जगहों पर 5 लोगों से ज्यादा मौजूद नहीं रह सकेंगे।
शादी, अंत्येष्टि, दशगात्र सहित कार्यक्रम में 50 से ज्यादा लोगों की उपस्थिति नहीं होगी। वहीं धरना रैली, जुलूस, प्रदर्शन पर भी रोक लगा दिया गया है। दो पहिया पर 2 और चार पहिया पर 4 लोग ही बैठेंगे। दूसरे राज्यों से हवाई, ट्रेन व सड़क मार्ग से आने वाले लोगों को 7 दिन क्वारंटीन रहना होगा। सिनेमा हॉल, मॉल में कोरोना गाईडलाइन का पालन करना होगा।
छत्तीसगढ़ में कोरोना को लेकर स्थिति दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है ! 24 मार्च को प्रदेश में 2106 नए कोरोना मरीज मिले है ! वहीँ 29 लोगों की मौतें भी हुई है ! कोरोना के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के बावजूद राज्य शासन लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है ! राज्य शासन अभी भी कोरोना गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाने की बातें कह रहा है किन्तु इस पर भी अमल नहीं हो पा रहा है ! अभी भी लोग बेफिक्र होकर घरों से बाहर निकल रहे हैं ! अब तक यह भी पता नहीं चल पाया है कि कोरोना की दूसरी लहर और पहले से भी ज्यादा तेजी से संक्रमण फैलने की असली वजह क्या है !
इसी के साथ पिछले एक साल में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 4011 हो गई है। बुधवार को रायपुर में 573 व प्रदेश में 2106 नए कोरोना मरीज मिले हैं। मार्च के 24 दिन में प्रतिदिन 8 के औसत से डेढ़ सौ से ज्यादा जानें गई हैं। वहीं बैरन बाजार एसबीआई ब्रांच में पदस्थ 11 अधिकारी-कर्मचारी पॉजिटिव मिले हैं।
स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कोरोना की दूसरी लहर और मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर कहा कि सरकार अब इस मामले में सावधानी और जांच के मामले में सख्ती बरतेगी। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि लाॅकडाउन अब तक कहीं भी कारगर साबित नहीं हो पाया, इसलिए ऐसा कोई विचार नहीं है। प्रदेश में कोरोना से अब तक 4011 मौतें हो चुकी हैं
रोजाना 50 हजार जांच और 1 लाख टीके लगाएंगे : सिंहदेव
रायपुर| करीब तीन हफ्ते बाद कोरोना से स्वस्थ होकर मीडिया के सामने आए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बुधवार को कहा कि दूसरी लहर में प्रदेश में लगतार केस बढ़ रहे हैं, लेकिन वे लॉकडाउन के पक्ष में नहीं हैं। पूरी दुनिया में लाॅकडाउन के नतीजे कारगर नहीं साबित हुए, हालांकि इससे रोजगार में कमी और दूसरी सामाजिक चुनौतियां जरूर सामने आ गईं।
उन्होंने कहा कि कोरोना मरीजों की पहचान और जल्द इलाज मुहैया करवाने के लिए रोजाना 50 हजार टेस्ट किए जाएंगे। यही नहीं, अभी करीब 70 हजार टीके लग रहे हैं, जिनकी संख्या बढ़ाकर रोज 1 लाख की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में रायपुर और दुर्ग में ही लगातार मामले बढ़ रहे हैं। बाकी जिलों में इस तरह की स्थिति न बने, इसके लिए कोरोना जांच का मौजूदा लक्ष्य 40 हजार टेस्ट रोजाना को बढ़ाकर 50 हजार प्रतिदिन करने की रणनीति बनाई है। जिन इलाकों में केस ज्यादा निकल रहे हैं, वहां आवाजाही को सीमित करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं, लेकिन यह बहुत सीमित हिस्से में होगा।
मुझे नहीं लगता, मैच इसकी वजह : एक सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में जब क्रिकेट सीरीज के लिए अनुमति दी गई, उस वक्त कोरोना केस नियंत्रित थे। मंजूरी इसलिए दी क्योंकि यहां केस नहीं मिल रहे थे। हालांकि बाद में केस बढ़े लेकिन क्रिकेट मैच को इसकी मुख्य वजह नहीं माना जा सकता है। प्रदेश के बाकी जिलों में भी केस बढ़े हैं, लेकिन वहां तो मैच नहीं हुआ है।



