छत्तीसगढ़ में बढ़े कोरोना मामले, AIIMS व मेकाहारा के भरे सभी वेंटिलेटर, संक्रमण इस आयु वर्ग में ज्यादा

रायपुर, छत्तीसगढ़ में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। रायपुर और दुर्ग की स्थिति तो बेहद भयानक स्थिति है। राजधानी रायपुर के सरकारी अस्पतालों में अब बेड करीब-करीब भरते जा रहे हैं। रायपुर की सीएमएचओ मीरा बघेल ने राजधानी में कोरोना की स्थिति को बेहद भयावह बताया है। मीरा बघेल ने बताया है कि राजधानी के दो बड़े अस्पतालों में अब वैंटिलेटर के बेड भर चुके हैं।सीएमएचओ मीरा बघेल ने अपने वीडियो संदेश में बताया है कि लक्षणों को इग्नोर करते हैं, देर से जांच कराते हैं, मरीजों के लिए बहुत मुश्किल हो जाता है। आज के वक्त में एम्स के सारे वैंटिलेटर बेड भर चुके हैं, मेकाहारा के सारे वेंटिलेटर बेड भर चुके हैं, माना के वेंटिलेटर बेड को आज से शुरू किया जा रहा है। ये एक बहुत ही भयानक स्थिति है, अभी भी वक्त है, अगर हम सावधानी बरतेंगे तो बेड की मारामारी से बच सकते हैं”कोरोना ने पिछली बार की तुलना में इस बार अपने लक्षण काफी बदल लिये हैं।

 सीएमएचओ के मुताबिक अगर कमर में दर्द है, या फिर शरीर में दर्द है तो ये भी कोरोना के लक्षण हो सकता है, उसी तरह चार-पांच दिनों से सुस्ती, कमजोरी आ रही है, तो आप नहीं सोच पायेंगे कि ये कोरोना के लक्षण हैं, लेकिन ये भी कोरोना के लक्षण हैं। अगर इन लक्षणों को इन्नोर करते हैं या जांच नहीं कराते हैं तो आपकी जान बचाना बेहद मुश्किल हो जाती है।कोरोना का जो अभी संक्रमण फैला है, उनमें सबसे ज्यादा यंग ग्रुप के लोग शिकार बन रहे हैं।

 सीएमएचओ ने बताया है की स्वास्थ्य विभाग ने जो अभी जांच की है, उसमें पाया है कि इस बार संक्रमण यंग ग्रुप के लोगों में ज्यादा है। 21 से 59 साल के लोगों में कोरोना संक्रमण ज्यादा है और उनमें भी पुरूषों में संक्रमण ज्यादा है 60 प्रतिशत पुरूष और 40 प्रतिशत महिलाएं संक्रमित हो रही है। नौजवानों में लक्षण आते हैं और चले भी जाते हैं, लेकिन जो घर में लोग रहते हैं उनके लिए मुश्किलें बढ़ जाती है।

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